अम्बेडकरनगर। करीब एक माह पहले रहस्यमय ढंग से लापता हुए एक बुजुर्ग का कंकाल मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। रविवार सुबह टांडा कोतवाली क्षेत्र के किशुनपुर गांव के पास स्थित थिरुआ नाले के किनारे मानव कंकाल मिलने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।
मौके पर पहुंचे ग्रामीणों और परिजनों की मदद से कंकाल की पहचान लगभग 80 वर्षीय बैतुल्लाह पुत्र सलीम निवासी ग्राम किशुनपुर (मझौले ब्राहिमपुर, कोतवाली टांडा) के रूप में की गई। पहचान घटनास्थल पर मिले कपड़ों, चश्मे और जूतों के आधार पर हुई। सूचना मिलने पर मृतक के पुत्र शेर अली भी मौके पर पहुंचे और सामान देखकर अपने पिता की शिनाख्त की।
बताया जाता है कि बैतुल्लाह 17 मई को अपने घर से निकले थे। परिजनों के अनुसार वह पीलीभीत जाने की बात कहकर घर से रवाना हुए थे, लेकिन उसके बाद उनका कोई पता नहीं चला। काफी तलाश और रिश्तेदारों से संपर्क करने के बावजूद जब उनका सुराग नहीं मिला तो 31 मई को टांडा कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने गुमशुदगी की सूचना भी प्रसारित की थी, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली।
रविवार को गांव से करीब आधा किलोमीटर दूर नाले के किनारे कंकाल मिलने की सूचना पर कोतवाल दीपक सिंह रघुवंशी, उपनिरीक्षक वीरेंद्र कुमार पाल और पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने मौके की जांच-पड़ताल कर आवश्यक साक्ष्य जुटाए। फील्ड यूनिट की टीम को भी बुलाया गया, जिसने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया।
पंचनामा की कार्रवाई पूरी करने के बाद अवशेषों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। कंकाल मिलने की खबर से मृतक के घर में शोक का माहौल है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
कोतवाली प्रभारी ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों का स्पष्ट पता चल सकेगा। रिपोर्ट के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।




