अम्बेडकरनगर: मोहर्रम के मौके पर टाण्डा नगर और आसपास के क्षेत्रों में अकीदत, सेवा और भाईचारे की अनूठी मिसाल देखने को मिल रही है। एक ओर जहां जगह-जगह सबील-ए-इमाम हुसैन के माध्यम से लोगों को शर्बत और पेय पदार्थ वितरित किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर टाण्डा तजियादार कमेटी के नेतृत्व में निःशुल्क मेडिकल कैम्प का सिलसिला भी लगातार जारी है। इसके साथ ही मोहर्रम के पारंपरिक व्यंजन खिचड़ा की भी पूरे क्षेत्र में धूम मची हुई है। 
जानकारी के अनुसार, सकरावल स्थित हम्माद अशरफ के आवास पर लगातार नौ दिनों तक एलोपैथिक, आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक और यूनानी चिकित्सकों द्वारा निःशुल्क चिकित्सा शिविर संचालित किया गया। अब 10वीं मोहर्रम को सालारगढ़ में भी विशाल मेडिकल कैम्प लगाया जाएगा, जहां मरीजों की सुविधा के लिए एम्बुलेंस की व्यवस्था भी रहेगी।
टाण्डा नगर के विभिन्न मोहल्लों और प्रमुख चौराहों पर सबील-ए-इमाम हुसैन का आयोजन जारी है। नयन तारा चौराहे पर लगाए गए सबील केन्द्र पर टाण्डा विधायक राममूर्ति वर्मा ने स्वयं लोगों को सबील वितरित कर भाईचारे और सेवा का संदेश दिया।
मोहर्रम के दौरान पारंपरिक व्यंजन खिचड़ा का भी विशेष महत्व रहता है। नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर खिचड़ा तैयार किया जा रहा है तथा लोगों को वितरित किया जा रहा है, जिससे मोहर्रम की रौनक और बढ़ गई है।
टाण्डा तजियादार कमेटी के सचिव सैय्यद रईसुल हसन ‘गुड्डू’ ने बताया कि पिछले 18 वर्षों से लगातार मोहर्रम के अवसर पर निःशुल्क मेडिकल कैम्प आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 10वीं मोहर्रम को सालारगढ़ में भी मेडिकल कैम्प और सबील-ए-इमाम हुसैन का विशेष इंतजाम किया गया है, ताकि जुलूस में शामिल होने वाले अकीदतमंदों को हर संभव सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।
मोहर्रम के अवसर पर सेवा, सद्भाव और इंसानियत की यह परंपरा क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।




