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जनपद में तेज़ी से बढ़ती जा रही है एचआईवी पॉजिटिव मरीजों की संख्या, जनजागरूकता जरूरी

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अम्बेडकरनगर: एचआईवी पॉजिटिव मरीजों की संख्या में तेज़ी से होने वाली बढ़ौतरी को लेकर सामाजिक संस्थाएं काफी चिंतित हैं। शासन स्तर पर प्रशासनिक अमला व स्वास्थ विभाग लगातार संक्रमिक मरीजो। की मॉनिटरिंग कर रहा है तथा क्षेत्र में सहकर्मी शिक्षक भी अपने दायित्वों की पूरी कर रहे हैं लेकिन समाज के संभ्रांत लोगों को भी आगे बढ़कर सहयोग करना चाहिए जिससे जनजागरूकता अभियान को गति मिल सके।


जनपद मुख्यालय के जिला अस्पताल के प्रथम तल पर संचालित सम्पूर्ण सुरक्षा केंद्र के माध्यम से लगातार एचआईवी (एड्स) संक्रमिकों की पहचान कर समुचित इलाज लाभ पहुंचाया जा रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार अधिकांश एचआईवी पॉजिटिव मंबुद्धि व नशे का सेवन करने वाले लोग हैं। सम्पूर्ण सुरक्षा केंद्र द्वारा जनपद में रहने वाले नशेड़ियों की पहचान करा कर उनकी एचआईवी जांच भी कराई जा रही है।

टाण्डा नगर क्षेत्र में भी एचआईवी संक्रमिक मरीजो की संख्या में तेज़ी से उछाल आया रहा है। टाण्डा नगर के कुछ मोहल्लों में सर्वे काम शुरू हुआ जिसके अनुसार 150 से अधिक नशे में लिप्त लोगों की पहचान हुई जबकि लगभग तीन दर्जन एचआईवी पॉजिटिव लोगों की भी पहचान की गई है। जनपद मुख्यालय के सम्पूर्ण सुरक्षा केंद्र द्वारा डेढ़ हजार से अधिक लोगों को चिन्हित किया गया है जिसमें बड़ी संख्या में एचआईवी पॉजिटिव भी है तथा अधिकांश लोगों को समुचित इलाज भी निःशुल्क किया जा रहा है।

एक रिपोर्ट के अनुसार टाण्डा नगर क्षेत्र में ही 150 से अधिक लोगों की निगरानी की जा रही है जिसमें लगभग तीन दर्जन लोग पॉजिटिव हैं। [admind id=”1″]
टाण्डा, अलीगंज, मुबारकपुर व बसखारी क्षेत्र में नशा उन्मूलन व एड्स जनजागरूकता के लिए तैनात सहकर्मी शिक्षक पप्पू व राजेश द्वारा लगातार क्षेत्र में भ्रमण कर संक्रमिकों के परिजनों से मरीजों को स्वास्थ्य लाभ दिलाने की गोहार की जा रही है तथा पप्पू व राजेश को लगातार क्षेत्र में जनजागरूकता पैदा करते देखा जा रहा है।

बताते चलेंकि एचआईवी पॉजिटिव लोगों के साथ सामाजिक भेदभाव नहीं करना चाहिए क्योंकि एचआईवी पॉजिटिव के साथ हाथ मिलाने, बातचीत करने खाना खाने, चुम्बन आदि से संक्रामक नहीं फैलता है। एचआईवी संक्रामक खून का खून से मिलने एवं असुरक्षित सेक्स करने से संक्रामक फैलता है।

इलाज: वर्तमान में, एचआईवी का कोई इलाज नहीं है, लेकिन एड्स से पीड़ित लोग उचित उपचार और जीवनशैली में बदलाव के साथ एक स्वस्थ और लंबी ज़िन्दगी जी सकते हैं।
सुरक्षित यौन संबंध: एड्स से बचाव के लिए कंडोम का उपयोग ज़रूरी है, खासकर अगर आपके साथी को एचआईवी संक्रमण है।
स्वस्थ आहार: एक संतुलित और पौष्टिक आहार लेना महत्वपूर्ण है, जिससे शरीर को विटामिन और खनिज मिल सकें।
नियमित स्वास्थ्य जांच: नियमित स्वास्थ्य जांच और डॉक्टर की सलाह का पालन करना ज़रूरी है, क्योंकि वे आपको सही उपचार और देखभाल के बारे में मार्गदर्शन कर सकते हैं।
आम संभ्रांत लोगों से अपील है कि एचआईवी की जांच अवश्य कराएं तथा जिला अस्पताल में संचालित सम्पूर्ण सुरक्षा केंद्र से संपर्क करें और पॉजिटिव लोगों के साथ सामाजिक भेदभाव कदापि ना करें बल्कि चन्द सावधानियाँ बरत कर उनका जीवन भी सुखमय बनाया जा सकता है। (मान्यता प्राप्त पत्रकार आलम खान एडिटर की विशेष रिपोर्ट)

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