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जश्ने जम्हूरियत पर ऑल इंडिया मुशायरा व कवि सम्मेलन, अब्दुल मजीद अंसारी को मिला हसरत मोहानी एवार्ड

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अम्बेडकरनगर: अदबी दुनिया फाउंडेशन किछौछा बसखारी की द्वारा जश्ने जम्हूरियत के मौके पर नसरुल्लाहपुर किछौछा में अशरफी स्टोडियो पर ऑल इंडिया मुशायरा व कवि सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। उक्त अदबी महफिल देशभक्ति, इंसानियत और सामाजिक सरोकारों से सराबोर रही।
इस मुशायरे के कन्वीनर हकीम हसन वारसी रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता सभासद दस्तगीर अंसारी ने की, जबकि इसके सरपरस्त अब्दुल मजीद अंसारी रहे। कार्यक्रम में नौशाद खान पत्रकार और अकरम वसीम पत्रकार बतौर मेहमान-ए-ख़ुसूसी मौजूद रहे।


कार्यक्रम के दौरान डिजिटल ऑल इंडिया मुशायरा के अंतर्गत अदबी और सामाजिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए अब्दुल मजीद अंसारी को प्रतिष्ठित “हसरत मोहानी एवार्ड” से सम्मानित किया गया। इस सम्मान की घोषणा होते ही सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
मुशायरे में शिरकत करने वाले शोअरा-ए-किराम ने एक से बढ़कर एक कलाम पेश कर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।
जावेद सुल्तानपुरी ने पढ़ा—
“मैंने ज़रूरतों के लिए बेच दी हयात,
लेकिन मेरे वतन तेरा सौदा नहीं किया।”
डॉ. हसीन भादवी ने शहीदों को याद करते हुए कहा—
“ये रूह कह रही है भगत सिंह की बार-बार,
सीखें वतनपरस्ती को अब्दुल हमीद से।”
अभिमान सिंह ‘ख़ाक’ सुल्तानपुरी ने देशसेवा का संकल्प व्यक्त किया—
“रहे ये ज़िन्दगी जब तक करूं मैं देश की सेवा,
मरूं तो देश के हित में यही अरमान मेरा है।”
गुलज़ार सिकंदरपुरी ने जोश से भरा कलाम पेश किया—
“तिरंगा इसलिए बांधा है सर पर,
वतन पर जां लुटाना चाहता हूं।”
कैफ सिकंदरपुरी ने मेहनतकश वर्ग की पीड़ा को उजागर किया—
“सारी दुनिया ने फ़क़्त काम निकाला अपना,
किसने मज़दूर के माथे का पसीना देखा।”
साहिल मुबारकपुरी ने वतनपरस्ती को यूं बयां किया—
“अपने वतन की शान बढ़ाते रहेंगे हम,
दिल चीज़ क्या है जान लुटाते रहेंगे हम।”
रफीक कुरैशी आज़मी ने इंसाफ और ज़ुल्म पर गहरा संदेश दिया—
“सोच क्या देगा तू मौला की अदालत में जवाब,
जब तेरे ज़ुल्म की मज़लूम गवाही देंगे।”
वहीं कदीर अंजुम किछौछवी ने वफ़ा और क़ुर्बानी का चित्र खींचा—
“चमन को सींचा लहू से अपने,
जो वक्त आया कटारी गर्दन,
मगर रहे हम सफ़े अदू में,
सिला दिया ये हमें वफ़ा ने।”
मुशायरे का समापन राष्ट्रगान और देशभक्ति के नारों के साथ हुआ। श्रोताओं ने कार्यक्रम को ऐतिहासिक और बेहद कामयाब बताते हुए आयोजकों को बधाई दी।

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