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CAA अर्थात नागरिकता संसोधन कानून 2019 को लेकर जहाँ सत्ता पक्ष के खिलाफ एक जुट हुआ विपक्ष पूरे देश में हो हल्ला मचा रहा है वहीं उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देश पर टाण्डा विधायक संजू देवी ने एक पत्रिका जारी कर आम लोगों विशेष कर मुस्लिम समुदाय के लोगों के अनसुलझे सवालों का जवाब देने की पहल किया है।

टाण्डा विधायक संजूदेवी के प्रतिनिधि श्यामबाबू गुप्ता ने बताया कि नागरिकता संसोधन कानून 2019 के वास्तविकता को लोगों तक पहुंचने तथा सीएए कानून के प्रति फैली भ्रांतियों व अफवाहों को दूर करने के उद्देश्य से पत्रिका को प्रकाशित कराया गया है। विधायक संजूदेवी के कैम्प कार्यालय पर बुनकर नेता कासिम अंसारी सहित सबक़दर आलम, वसीम, इफ्तेखार अहमद, गुड्डू, सोनू आदि को उक्त जागरूकता पत्रिका भेंट करते हुए श्री गुप्ता ने कहा कि देश का अल्पसंख्यक मुसलमान अशफाक उल्लाह खान, अब्दुल हमीद व डॉक्टर अब्दुल कलाम जैसों से पहचाना जाता है इसलिए अल्पसंख्यक समुदाय स्वयं को इन महान लोगों से जोड़ कर चलें और देश को तोड़ने वाली शक्तियों को करारा जबाव दें।

नागरिकता संसोधन कानून के अनसुलझे सवालों का जवाब देने के लिए प्रकाशित की गई पत्रिका में कई सवालों का विधिवत जवाब दिया गया है। पत्रिका में बताया गया है कि नागरिकता कानून देश मे रहने वाले किसी भी समुदाय या वर्ग की नागरिकता पर किसी तरह से कोई फर्क नहीं पड़ता है बल्कि ये मात्र तीन देशों (पाकिस्तान, बांग्लादेश व अफगानिस्तान) में रहने वाले अल्पसंख्यक जो भारत मे 2014 से पहले से रह रहे हैं उन्हें भारत की नागरिकता प्रदान करता है। पत्रिका मर इस सवाल का भी जवाब दिया गया है कि पाकिस्तान, बांग्लादेश व अफगानिस्तान के अल्पसंख्यकों को ही क्यों नागरिकता दी जा रही है वहां के बहुसंख्यकों को क्यों इस कानून से बाहर रखा गया है। इसके जवाब में बताया गया है कि क्योंकि उक्त तीनों देश इस्लामिक देश हैं तथा वहाँ उन्हें धार्मिक रूप से प्रताड़ित नहीं किया जाता है और ना ही बहुसंख्यकों को इस्लाम धर्म मानने से उक्त देशों में रोकथाम की जाती है इसलिए उन्हें इस कानून से बाहर रखा गया है लेकिन अगर कोई मुस्लिम भारत की नागरिकता चाहता है तो नियमानुसार 11 वर्ष पूरा करने पर उसे नागरिकता प्रदान की जाएगी जैसा कि उन देशों के कई मुस्लिमों को पचले भी नागरिकता प्रदान की गई है।

बहरहाल नागरिकता संसोधन कानून 2019 को लेकर जहाँ विपक्ष इसे बड़ा मुद्दा बना कर राजनीति कर रहा है वहीं सत्ता पक्ष तथा उनसे जुड़े लोग नागरिकता संसोधन कानून से जुड़े कई सवालों को आम नागरिकों विशेष कर मुस्लिम समुदाय के बीच पहुंचाने का काम कर रहे हैं जिसके लिए पत्रिका प्रकाशित की जा रही है और कई स्थानों पर कार्यशाला का का भी आयोजन करने की तैयारी हो रही है।

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