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मलेशिया में फंसे झारखंड के मजदूरों के लिए फरिशता साबित हुए बजरंगी भाईजान

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भोपाल / लखनऊ (सूचना न्यूज़ टीम) मलेशिया में फंसे दर्जनों मज़दूरों का अंतिम जठर की सकुशल वतन वापसी हुआ। वतन वापसी में आबिद हुसैन उर्फ बजरंगी भाईजान फंसे मज़दूरों के लिए फरिशता साबित हुए।

जनपद अम्बेडकरनगर की तहसील टाण्डा के मूल निवासी सैय्यद आबिद हुसैन उर्फ बजरंगी भाई जान भोपाल में रहकर अपना जीवन यापन कर रहे हैं तथा विदेश में फंसे भारतीयों के लिए विशेष अभियान चला कर उन्हें वापस अपने वतन लाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रहे हैं।

मलेशिया में फंसे झारखण्ड के 30 मज़दूर मे 08 मजदूरों दशरथ महतो, रोहित, पुनीत महतो, प्रेमचंद महतो, भुनेश्वर कमार, जगलाल महतो, गोविंद महतो, प्रकाश कुमार महतो का अंतिम जत्था सकुशल भारत पहुंच गया है। वतन वापसी पर मज़दूरों ने खुशी जाहिर करते हुए आबिद हुसैन का धन्यवाद ज्ञापित किया है।
बताते चलें कि इससे पहले 22 मज़दूर का एक जत्था आया था जिसमें भुवनेश्वर महतो, बासुदेव महतो, बुधन महतो. रामेश्वर महतो, देवानंद महतो, प्रेम लाल महतो, विनोद कुमार, झारी कुमार, विनोद महतो, बुधन महतो, चेतलाल महतो, विश्वनाथ महतो, गिरधारी महतो, मनोज महतो, दुलारचंद महतो, प्रदीप कुमार महतो, टुकमन महतो, तिलेश्वर महतो, केशु महतो, लिलो महतो, सुरेश महतो, बासुदेव महतो आदि भारतीय हाई कमीशन व मलेशिया के संयक्त प्रयास से एवं बजरंगी भाईजान की मुहीम के कारण सकुशल भारत वापस आ चुके।

श्री आबिद ने बताया कि कुछ माह उन्हें झारखण्ड के एक सामजिक कार्यकर्ता उमेश यादव का कॉल आया था और उन्हीने बताया था कि झारखण्ड के 30 मज़दूर मलेशिया मे फंसे है। श्री आबिद ने तत्काल भारतीय हाई कमीशन व मलेशिया से संपर्क कर के इनकी मदद के लिए संपर्क किया।
भारतीय हाई कमीशन व मलेशिया की मदद से उनकी बकाया राशि कुल प3 लाख 26 हज़ार 354 रुपया श्रमिकों को दिलाया है।

सभी की सकुशल भारत वापसी पर श्री आबिद ने भारतीय हाई कमीशन व मलेशिया और विदेश मंत्रालय एवं उनकी पूरी टीम का धन्यवाद ज्ञापित किया।

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