दिल्ली: पहलगाम में हुए कुख्यात आतंकवादी हमलों के बाद से ही अंदाज़ा लगाया जा रहा है कि भारत पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान पर हमला कर उसके आतंकी ठिकानों को तबाह व बर्बाद कर देगा। पाकिस्तान के आतंकी तजिकनों पर हमले के लिए भारत को सभी राजनीतिक दलों का समर्थन भी प्राप्त है।
एक तरफ पूरा देश जहां बुधवार को पाकिस्तानी हमले से पूर्व मॉर्क ड्रिल करने की तैयारी कर रहा था वहीं भारतीय सशस्त्र सेना ने मंगलवार-बुधवार की देर रात्रि में पाकिस्तान के 09 आतंकी ठिकानों को निशाना बना कर सफल हमला किया जिसमें 09 आतंकी ठिकानों को तबाह व बर्बाद कर दिया गया।
बताते चलेंकि 07 मई बुधवार की शाम 4 बजे से अलग अलग स्थानों पर राष्ट्रव्यापी मॉक ड्रिल होगी, जिसमें सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में हवाई हमले के सायरन और निकासी प्रशिक्षण शामिल होगा। अम्बेडकर नगर में रात्रि 08 बजे से 8:30 के बीच मॉकड्रिल होगा। यह आपातकालीन तैयारी अभ्यास 1971 के बाद पहला है, जिसका उद्देश्य संभावित शत्रुतापूर्ण हमलों के लिए तैयारी में सुधार करना है।
07 मई को होने वाली सिविल डिफेंस मॉकड्रिल के लिए गृह मंत्रालय ने 244 जिलों में मॉक ड्रिल आयोजित करने का निर्देश दिया है, जिसमें हवाई हमले की चेतावनी देने वाले सायरन बजाना, लोगों को सुरक्षा पहलुओं पर ट्रेनिंग देना और बंकरों की सफाई करना शामिल है। मॉक ड्रिल के दौरान वायुसेना के साथ हॉटलाइन और रेडियो कम्युनिकेशन लिंक का ऑपरेशन, कंट्रोल रूम और शेडो कंट्रोल रूम की कार्यक्षमता का परीक्षण भी किया जाएगा।
बुधवार को देशभर में सायरन बजाकर नागरिकों को अलर्ट किया जाएगा कि यदि देश पर हवाई आक्रमण होता है, तो सायरन बजाकर अलर्ट किया जाएगा और सभी लोगों को 10-15 मिनट के अंदर सुरक्षित स्थान पर पहुंचना होगा।
मॉकड्रिल के दौरान निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना होगा।
1- सायरन की आवाज पहचानें- एयर रैंड सायरन की आवाज पहचानें और मोबाइल या रेडियो पर सरकारी अलर्ट सुनें।
2- सुरक्षित स्थान- निकटतम बंकर या शरणस्थल की जानकारी रखें और अपने घर में मजबूत, बिना खिड़की वाला कमरा तैयार रखें।
3- जरूरी वस्तुएँ तैयार रखें- पीने का पानी, सूखा भोजन, प्राथमिक चिकित्सा किट, टॉर्च और एक्स्ट्रा सेल, पोर्टेबल रेडियो, जरूरी दस्तावेज़ आदि तैयार रखें।
4- अंधेरा और सुरक्षा- रात में सभी लाइट बंद रखें, खिड़कियों पर मोटे पर्दे या ब्लाइंड लगाएं और शीशे से दूर रहें।
नागरिक सुरक्षा मॉक ड्रिल एक तैयारी अभ्यास है जिसका उद्देश्य युद्ध, मिसाइल हमलों या हवाई हमलों जैसी आपात स्थितियों के दौरान वर्तमान नागरिक सुरक्षा तैयारियों में ताकत, कमजोरियों और अंतराल की पहचान करना है।
मॉकड्रिल का उद्देश्य लोगों को किसी भी आपात स्थिति के लिए तैयार करना है और यह अभ्यास 244 जिलों में होगा।