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सरदार सेना ने सांसद का घेराव कर दिया 06 सूत्रीय ज्ञापन

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अम्बेडकरनगर: सरदार सेना सामाजिक संगठन ने ओबीसी, एससी, एसटी के आरक्षण/अधिकारों पर वर्तमान सरकार द्वारा किये जा रहे लगातार कुठाराघात को लेकर उत्तर प्रदेश के तमाम जनपदों में सम्पूर्ण भागीदारी आंदोलन के तहत एकदिवसीय सांसदों के घर/कार्यालय का घेराव कर आंदोलन किया। यह आन्दोलन सरदार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा.आर.एस. पटेल के निर्देश पर किया गया।
बताते चले कि वर्तमान सरकार के जातिगत रवैये क्षुब्ध सरदार सेना के कार्यकर्ताओं ने शनिवार को अपने घरों से निकलकर अपनी आवाज को संसद तक पहुंचाने हेतु तमाम जनपदों में सांसदों का घेराव कर अपनी 6 सूत्रीय मांग को उनके समक्ष रखा। सरदार सेना के राष्ट्रीय सचिव आत्माराम पटेल ने कहा कि लगातार ओबीसी, एससी, एसटी के साथ दोहरी नीति अपनाई जा रही है। हमारे अधिकारों पर कुठाराघात किया जा रहा है जबकि 49.5% ही आरक्षण सम्पूर्ण वंचितों को प्राप्त हो पाया और 50.5% में सवर्ण वर्ग देश भर के तमाम नौकरियों में अकेले नंगा नाच रहा है। इसके बाद भी मोदी सरकार ने अपने पिछले कार्यकाल में 10% आरक्षण आर्थिक आधार पर सवर्णों को अलग से दे दिया जबकि सवर्ण समाज पहले से ही सामाजिक, शैक्षणिक व आर्थिक रूप से सम्पन्न है। इतना ही नहीं आरक्षण विरोधी सरकार के इशारे पर देश भर की अदालतों में बैठे मनुवादी न्यायाधीशों द्वारा समस्त वंचित वर्गों को प्रतिनिधित्व के नाम पर ठगने व धोखा देने का काम किया जा रहा है। देश के वंचित वर्गों के साथ धोखा है। हमारे अधिकारों पर बार-बार कुठाराघात इसलिए होता है कि हमारे द्वारा चुने गये सांसदों को हमारी चिंता नहीं सदन में इनकी आवाज नहीं खुलती और यह अपने मौज में मस्त हैं। सरदार सेना के जिला अध्यक्ष चंद्रेश वर्मा ने कहा कि आज हम अपने अधिकारों हेतु अपने 6 सूत्रीय मांगों सहित सांसदो का घेराव किया। और हम मांग करते हैं कि सांसद जी संसद में कानून बनाकर वंचितों के अधिकार को दिलाने का काम करें हमारी मांग है
1. मा. सुप्रीम कोर्ट द्वारा वंचित वर्गों के प्रमोशन में आरक्षण पर रोक लगा दी गयी साथ ही आरक्षण को संविधान प्रदत्त अधिकार के बजाय प्रदेश सरकार की कृपा से मिली खैरात बना दी गयी। सुप्रीम कोर्ट के इस सामंतवादी आदेश को तत्काल निरस्त कराया जाय।
2. उ.प्र. लोक सेवा आयोग द्वारा वंचित वर्गों के ओवरलैंपिंग को समाप्त कर दी गयी, आखिर क्यों? अत: यह मांग है कि उपरोक्त निर्णय को तत्काल निरस्त कराया जाय।
3. एनपीआर की कोई जरूरत नहीं बल्कि केन्द्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय जातिगत जनगणना तत्काल करायी जाय ताकि समस्त वंचित वर्गों की सम्पूर्ण भागीदारी सुनिश्चित की जा सके और सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक दृष्टिकोण से देश में समानता लागू हो सके।
4.भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय न्यायिक सेवा आयोग तत्काल गठित किया जाय क्योंकि प्रदेश के हाईकोर्ट व देश के सुप्रीम कोर्ट के तमाम मनुवादी न्यायाधीशों द्वारा वंचित वर्गों के अधिकारों पर लगातार कुठाराघात किया जा रहा है इसलिए राष्ट्रीय न्यायिक सेवा आयोग बनाकर वंचित वर्गों को आबादी के अनुपात में निचली अदालत से लेकर शीर्ष अदालत तक सभी पदों पर सम्पूर्ण प्रतिनिधित्व लागू किया जाय।
5. देश भर के सभी सरकारी संस्थानों अथवा संविदा या अर्द्धसरकारी संस्थानों में निम्न से लेकर उच्च सभी पदों पर वंचित वर्गों कीआबादी के अनुपात में सम्पूर्ण प्रतिनिधित्व लागू किया जाय।
6. वंचित वर्गों के अधिकारों का हनन 1950 से लेकर अब तक जिन-जिन विभागों में हुआ है उन सभी विभागों में आबादी के अनुपात में बैकलॉग नियुक्ति तत्काल लागू करायी जाय।
इस दौरान सरदार सेना के प्रदेश सचिव राहुल गौतम विनोद वर्मा जिला महासचिव मनोज बर्मा ब्लॉक अध्यक्ष टांडा संदीप बर्मा बसाईत पुर प्रदीप बर्मा आशुतोष भारतीय नागरिक रामनिवास युवा समाजसेवी अमित पटेल वीरेंद्र वर्मा अशोक वर्मा धर्मेंद्र वर्मा मंडल उपाध्यक्ष मनजीत राजभर आदि मुख्य रूप से मौजूद रहे।

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