अम्बेडकरनगर। विश्व प्रसिद्ध दरगाह हज़रत सुल्तान शाह सैय्यद मखदूम अशरफ़ जहांगीर सिमनानी (किछौछा शरीफ) में आयोजित 640वें वार्षिक उर्स एवं मेले का गुरुवार को प्राचीन परंपरा ‘दाखौल’ की रस्म के साथ भव्य समापन हो गया।
उर्स के आखिरी दिन देश के कोने-कोने से पहुंचे हजारों जायरीन और मलंगों की मौजूदगी में दरगाह परिसर पूरी तरह रूहानी रंग में रंगा नजर आया।
समापन से पहले उर्स की सबसे अहम और दुर्लभ रस्मों में शामिल लहद खाना में सरकार मखदूम अशरफ के पवित्र ख़िरका मुबारक एवं अन्य तबर्रुकात को परंपरानुसार धूप में सुखवाया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में मौजूद जायरीनों ने पवित्र तबर्रुकात का दीदार कर खुद को सौभाग्यशाली महसूस किया। इस रूहानी नजारे ने अकीदतमंदों को भाव-विभोर कर दिया।
दरगाह के मोतवल्ली एवं सज्जादानशीन सैय्यद मोहिउद्दीन अशरफ ने उर्स के समापन का औपचारिक एलान करते हुए कहा कि इस बार का आयोजन अमन, अनुशासन और शानदार व्यवस्थाओं के बीच सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। उन्होंने इंतेजामिया कमेटी, स्थानीय प्रशासन और पुलिस विभाग की सराहना करते हुए सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।

मखदूम अशरफ इंतेजामिया कमेटी के प्रभारी अध्यक्ष मौलाना सैय्यद अज़ीज़ अशरफ ने बताया कि इस वर्ष जायरीनों की सुविधा के लिए दरगाह परिसर के दर्जनों स्थानों पर स्वच्छ आरओ पेयजल की निःशुल्क व्यवस्था कराई गई, जिससे लाखों श्रद्धालुओं को राहत मिली। उन्होंने प्रशासन और पुलिस की सक्रिय भूमिका की भी प्रशंसा की।
उर्स की सबसे खास रस्म ‘दाखौल’ के दौरान सज्जादानशीन सहन-ए-आस्ताना पर विराजमान हुए और देशभर से आए मलंगों की समस्याएं सुनीं। मलंग सज्जादानशीन मो. आलम शाह के नेतृत्व में मेराज आलम नकीब ने गुलाम रसूल बाबा के आस्ताने की टीनशेड मरम्मत कराने की मांग रखी, जिस पर सकारात्मक आश्वासन दिया गया।
समापन समारोह के दौरान मलंगों ने पारंपरिक करतब और हैरतअंगेज प्रदर्शन कर मौजूद भीड़ को मंत्रमुग्ध कर दिया। पूरे परिसर में रूहानी माहौल, अकीदत और सदियों पुरानी परंपराओं का अद्भुत संगम देखने को मिला।
इस अवसर पर सैय्यद मोहिउद्दीन अशरफ, मौलाना सैय्यद अज़ीज़ अशरफ, सैय्यद सेराज अशरफ, मो. आलम शाह, सैय्यद शेखू अशरफ, गफूर शाह, मेराज आलम नकीब, गुल बहार अली शाह, हयात अली शाह, अंगार अली शाह, सरफराज खादिम समेत बड़ी संख्या में खादिम, मलंग और जायरीन उपस्थित रहे। अंत में इंतेजामिया कमेटी ने प्रशासन, पुलिस और सभी सहयोगियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।




