अम्बेडकरनगर (रिपोर्ट: आलम खान एडिटर – मान्यता प्राप्त) अत्यधिक वर्षा और नेपाल से छोड़े जा रहे पानी के मद्देनज़र घाघरा नदी में संभावित बाढ़ को लेकर टांडा तहसील प्रशासन जिलाधिकारी श्रीमती ईशा प्रिया के निर्देश पर पूरी तरह हाई अलर्ट मोड में आ गया है। प्रशासन ने दावा किया है कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए युद्धस्तर पर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। पांच बाढ़ राहत केंद्र, पांच बाढ़ शरणालय, 29 नावें, 51 नाविक, 12 गोताखोर और सात पशु राहत शिविर तैयार रखे गए हैं जो बाढ़ एलर्ट आने पर तत्काल सक्रिय कर दिए जाएंगे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार टांडा तहसील क्षेत्र के 21 गांव बाढ़ की जद में आने की आशंका वाले हैं, जिनमें औसानपुर, महरीपुर, मांझा कला, मांझा उल्टाहवा और मांझी केवटला सबसे अधिक संवेदनशील माने गए हैं। प्रशासन ने इन गांवों के लिए विशेष निगरानी और राहत व्यवस्था सुनिश्चित की है।
संभावित बाढ़ से प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए पांच बाढ़ राहत केंद्र और पांच शरणालय स्थापित किए गए हैं। औसानपुर, महरीपुर, चिंतौरा, डूहिया और मकरही में राहत केंद्र बनाए गए हैं, जबकि संबंधित विद्यालयों एवं इंटर कॉलेजों को बाढ़ शरणालय के रूप में चिन्हित किया गया है।
प्रत्येक राहत केंद्र पर नोडल अधिकारी की तैनाती की गई है। साथ ही चिकित्सक, पशु चिकित्सक, सिंचाई विभाग के अवर अभियंता, लेखपाल और अन्य कर्मचारियों को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है। पशुपालन विभाग को पशुधन की सुरक्षा के लिए विशेष अलर्ट पर रखा गया है तथा सात पशु राहत शिविर भी संचालित किए जाएंगे।
प्रशासन द्वारा संभावित बाढ़ प्रभावित गांवों में चौपाल लगाकर ग्रामीणों को जलस्तर बढ़ने की स्थिति में स्वयं, परिवार और पशुओं को सुरक्षित निकालने के तरीके भी बताए जा रहे हैं, ताकि किसी भी आपदा के दौरान जनहानि को रोका जा सके।
घाघरा नदी का खतरे का निशान 85.56 मीटर और चेतावनी स्तर 84.56 मीटर निर्धारित है। वर्ष 2009 में नदी का जलस्तर 86.89 मीटर तक पहुंच चुका है। शुक्रवार सुबह नदी का जलस्तर 83.78 मीटर दर्ज किया गया, जो चेतावनी स्तर से 0.78 मीटर नीचे है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन लगातार बारिश और नेपाल से पानी छोड़े जाने के कारण प्रशासन पूरी सतर्कता बरत रहा है।
बाढ़ की चेतावनी मिलते ही कंट्रोल रूम, राहत शिविर और शरणालय तत्काल सक्रिय कर दिए जाएंगे। एसडीएम टांडा, सीओ टांडा, तहसीलदार, नायब तहसीलदार टांडा, नायब तहसीलदार बसखारी और संबंधित गांवों के लेखपाल लगातार घाघरा नदी के जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं।
प्रशासन का संदेश साफ है—घबराएं नहीं, लेकिन सतर्क रहें। किसी भी आपात स्थिति में प्रशासनिक निर्देशों का पालन करें और अफवाहों से बचें।




