अम्बेडकरनगर (रिपोर्ट: आलम खान, एडिटर – मान्यता प्राप्त)। अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र में पिछले कई महीनों से चल रहे पैतृक संपत्ति विवाद में आखिरकार पुलिस प्रशासन ने हस्तक्षेप करते हुए महत्वपूर्ण कार्रवाई की है। आत्मदाह की चेतावनी और विवादित कारखाने पर हुए घटनाक्रम के बाद पुलिस अधीक्षक प्राची सिंह के निर्देश पर पुलिस ने विवादित दुकान पर दोनों पक्षों का ताला लगवाकर यथास्थिति कायम करा दी। साथ ही स्पष्ट निर्देश दिया गया कि जब तक दोनों पक्ष आपसी सहमति से समझौता नहीं कर लेते अथवा सक्षम न्यायालय का आदेश प्रस्तुत नहीं करते, तब तक विवादित दुकान का ताला नहीं खोला जाएगा।
गौरतलब है कि शाहजहांपुर निवासी मोहम्मद शमीम, सिरताज, नियाज और सद्दाम हुसैन का आरोप था कि पैतृक संपत्ति पर उनके दो भाइयों ने कब्जा कर रखा है। पीड़ित परिवार का कहना था कि पिछले करीब नौ माह से वे एसपी कार्यालय, जिलाधिकारी कार्यालय और अन्य अधिकारियों के यहां न्याय की गुहार लगा रहे थे। रविवार को परिवार विवादित कारखाने पर पहुंचा और न्याय न मिलने पर आत्मदाह की चेतावनी दी। इस घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हुआ, जिसके बाद प्रशासन तत्काल सक्रिय हो गया।
पुलिस अधीक्षक प्राची सिंह के निर्देश पर अकबरपुर पुलिस ने दोनों पक्षों की मौजूदगी में विवादित दुकान पर ताला लगवाया और स्पष्ट कर दिया कि अब बिना आपसी समझौते या न्यायालय के आदेश के ताला नहीं खोला जाएगा। इस कार्रवाई से लंबे समय से चले आ रहे विवाद में फिलहाल यथास्थिति कायम हो गई है और किसी भी पक्ष को एकतरफा लाभ मिलने की संभावना पर रोक लग गई है।
पीड़ित सद्दाम हुसैन ने पुलिस अधीक्षक प्राची सिंह की कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि उनकी मांग भी यही थी कि जब तक विवाद का कानूनी समाधान नहीं हो जाता, तब तक किसी भी पक्ष को विवादित दुकान का उपयोग न करने दिया जाए। उन्होंने निष्पक्ष कार्रवाई के लिए पुलिस अधीक्षक का आभार व्यक्त किया और उम्मीद जताई कि आगे भी उन्हें न्याय मिलेगा।
स्थानीय लोगों का भी मानना है कि संवेदनशील मामलों में समय रहते प्रशासन का निष्पक्ष हस्तक्षेप बड़े विवादों को टाल सकता है। पुलिस की इस कार्रवाई से फिलहाल क्षेत्र में तनाव कम हुआ है और अब दोनों पक्षों के सामने या तो आपसी समझौते का रास्ता है अथवा न्यायालय के आदेश के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।




