अम्बेडकरनगर (रिपोर्ट: गोपाल सोनकर जलालपुर) रक्षाबंधन की पूर्व संध्या पर भाई-बहन के पवित्र प्रेम का पर्व मनाने को लेकर जलालपुर नगर के बाजारों में जबरदस्त रौनक देखने को मिली। सुबह से ही राखी, मिठाई और उपहारों की खरीदारी के लिए बाजारों में भीड़ उमड़ पड़ी। दुकानों पर ग्राहकों की कतार और सड़कों पर वाहनों का दबाव बढ़ते ही नगर की यातायात व्यवस्था चरमरा गई। प्रमुख बाजारों में दिनभर रुक-रुककर जाम लगता रहा और राहगीरों से लेकर वाहन चालकों तक को भारी परेशानी झेलनी पड़ी।

भाई-बहन के रिश्ते में आस्था और रक्षा का संदेश
रक्षाबंधन भारतीय संस्कृति में भाई-बहन के स्नेह, विश्वास और रक्षा के संकल्प का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक परंपराओं में भगवान श्रीकृष्ण और द्रौपदी का प्रसंग विशेष रूप से उल्लेखित होता है। मान्यता के अनुसार श्रीकृष्ण की उंगली में चोट लगने पर द्रौपदी ने अपने वस्त्र का टुकड़ा बांधा था, जिसके बाद श्रीकृष्ण ने उनकी रक्षा का संकल्प लिया। वहीं एक अन्य धार्मिक मान्यता में माता लक्ष्मी द्वारा राजा बलि को रक्षासूत्र बांधने का प्रसंग मिलता है। धार्मिक ग्रंथों और परंपराओं में इन कथाओं के अलग-अलग विवरण मिलते हैं, लेकिन सभी में स्नेह, विश्वास, मंगलकामना और रक्षा का भाव प्रमुख है।
बाजार में भीड़, सड़क पर जाम—व्यवस्था पर उठे सवाल
पर्व की खरीदारी के लिए उमड़ी भीड़ का सीधा असर नगर की यातायात व्यवस्था पर पड़ा। दुकानों के सामने और सड़क किनारे बेतरतीब खड़े वाहनों ने समस्या को और बढ़ा दिया। कई प्रमुख स्थानों पर वाहनों की कतार लग गई। जाम में फंसे लोगों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ा, जबकि पैदल राहगीरों को भी भीड़ के बीच से निकलने में मशक्कत करनी पड़ी।
रक्षाबंधन ने कारोबारियों के चेहरे पर मुस्कान जरूर ला दी, लेकिन बाजार की बेकाबू भीड़ और जाम ने नगर की यातायात व्यवस्था की तैयारियों की पोल भी खोल दी। पर्व की खुशी के बीच लोगों को जाम से जूझना पड़ा। अब सवाल यह है कि ऐसे प्रमुख त्योहारों पर बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए यातायात व्यवस्था के लिए पहले से प्रभावी इंतजाम क्यों नहीं किए गए।
कुल मिलाकर रक्षाबंधन की पूर्व संध्या पर जलालपुर बाजार भाई-बहन के प्रेम और खरीदारी के रंग में सराबोर रहा, लेकिन जाम और अव्यवस्थित यातायात ने त्योहार की रौनक के बीच लोगों की परेशानी भी बढ़ा दी।




