सरकार के दबाव में जल्दबाजी में कराया निर्माण, मिट्टी की पटाई ठीक नहीं हुई – ओमप्रकाश राजभर
सत्ता के मंत्री ने ही खोली सिस्टम की पोल, सड़क धंसने के लिए जल्दबाजी को ठहराया जिम्मेदार; पंचायत चुनाव पर सवाल आया तो साध ली चुप्पी
अम्बेडकरनगर। सत्ता के गलियारों में उस समय हलचल मच गई, जब कैबिनेट मंत्री और सुभासपा अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता को लेकर अपनी ही सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए। जिले का प्रभारी बनाए जाने के बाद शुक्रवार को क्षेत्रीय दौरे पर पहुंचे राजभर से कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे के जगह-जगह धंसने को लेकर सवाल हुआ तो उन्होंने सीधे निर्माण में हुई जल्दबाजी को सड़क की बदहाली की वजह बता दिया। 
ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि सरकार के दबाव में निर्माण कंपनी ने एक्सप्रेसवे का काम जल्दबाजी में पूरा किया। सरकार शिलान्यास से लेकर उद्घाटन तक की प्रक्रिया को जल्दी पूरा करना चाहती थी। इसी जल्दबाजी में मिट्टी की पटाई और भराव का काम अपेक्षित तरीके से नहीं हो पाया। अब निर्माण की यही खामियां सड़क के धंसने के रूप में सामने आ रही हैं।
‘उद्घाटन की जल्दी या गुणवत्ता से समझौता?’—राजभर के बयान ने खड़े किए बड़े सवाल
कैबिनेट मंत्री के इस बयान ने एक्सप्रेसवे निर्माण की गुणवत्ता और सरकारी निगरानी पर सवालों का पिटारा खोल दिया है। आखिर ऐसा क्या दबाव था कि करोड़ों रुपये की परियोजना में सड़क की मजबूती से ज्यादा काम पूरा करने की जल्दबाजी भारी पड़ गई।
सत्ता में शामिल मंत्री का यह बयान विपक्ष के लिए भी सरकार को घेरने का हथियार बन सकता है। सवाल अब यह है कि अगर निर्माण में मिट्टी की पटाई और भराव मानक के अनुरूप नहीं हुआ था, तो जिम्मेदार अधिकारियों और निर्माण एजेंसी पर कार्रवाई कब होगी?
घायल कार्यकर्ता के घर पहुंचे राजभर, आंख की रोशनी जाने पर जताई चिंता
शुक्रवार को रसूलपुर बाकरगंज पहुंचे कैबिनेट मंत्री ने सुभासपा की जलालपुर ब्लॉक अध्यक्ष प्रीति राजभर के पति अखिलेश राजभर का हाल जाना। सड़क दुर्घटना में अखिलेश की आंख की रोशनी चले जाने की जानकारी मिलने पर मंत्री ने इलाज को प्राथमिकता बताते हुए हरसंभव मदद का भरोसा दिया। इसी गांव के नंदलाल के पुत्र की सोमवार को करंट की चपेट में आने से मौत हुई थी। मंत्री ने पीड़ित परिवार से भी मुलाकात कर संवेदना जताई।
ग्रामीणों ने मंत्री के सामने रख दी सड़कों की ‘हकीकत’
मंत्री के सामने ग्रामीणों ने भी विकास के दावों के बीच क्षेत्र की बदहाल सड़कों और जलनिकासी की समस्या खोलकर रख दी। पूर्व प्रधान पुजारी लाल साहू ने गांव से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तक जाने वाली सड़क के निर्माण और राजभर बस्ती में नाली निर्माण की मांग की। ग्रामीणों ने अकबरपुर मुख्य मार्ग के हजपूरा मोड़ से चितौना सरकारी ट्यूबवेल तक पक्की सड़क की मांग भी रखी। मंत्री ने समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया।
पंचायत चुनाव पर सवाल आया तो राजभर ने नहीं खोले पत्ते
क्षेत्रीय दौरे के दौरान आगामी पंचायत चुनाव को लेकर भी सवाल उठे, लेकिन ओमप्रकाश राजभर इस मुद्दे पर स्पष्ट जवाब देने से बचते नजर आए। हालांकि कार्यकर्ताओं से मुलाकात और स्थानीय समस्याओं को सुनने के जरिए उन्होंने क्षेत्र में संगठन की सक्रियता का संकेत जरूर दिया।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है—जब सत्ता में बैठे मंत्री खुद निर्माण की जल्दबाजी और मिट्टी के भराव पर सवाल उठा रहे हैं, तो एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता की जिम्मेदारी आखिर तय कौन करेगा?




