टांडा-इल्तिफातगंज मार्ग पर निर्माण की सुस्त रफ्तार पर जिलाधिकारी सख्त, मार्च 2027 तक आरओबी पूरा कराने के निर्देश
अम्बेडकरनगर। टांडा-इल्तिफातगंज मार्ग पर मखदूमनगर रेलवे क्रॉसिंग पर निर्माणाधीन ओवरब्रिज की सुस्त रफ्तार ने राहगीरों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। लंबे समय से चल रहे निर्माण के चलते जहां आवागमन प्रभावित है, वहीं बरसात में रास्ते की हालत और भी बदतर हो गई है। कीचड़, जलभराव और उबड़-खाबड़ रास्ते से गुजरना राहगीरों के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। निर्माण कार्य में शिथिलता को लेकर जिलाधिकारी श्रीमती ईशा प्रिया ने सख्त तेवर दिखाते हुए कार्यदायी संस्था सेतु निगम बस्ती को निर्माण कार्य में तेजी लाने और निर्धारित समयसीमा में काम पूरा करने के निर्देश दिए हैं। 
एनटीपीसी-टांडा के मध्य रेलवे सम्पार संख्या 13बी पर बन रहे इस 2-लेन उपरिगामी सेतु (आरओबी) का करीब 67 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। इसके बावजूद शेष निर्माण कार्य की गति को लेकर सवाल उठ रहे हैं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि परियोजना को प्राथमिकता के आधार पर गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध ढंग से पूरा कराया जाए। आरओबी को मार्च 2027 तक पूर्ण कर आमजन के लिए खोलने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
बारिश में राहगीरों की बढ़ी मुसीबत
निर्माणाधीन स्थल से होकर गुजरने वाले लोगों की परेशानी बरसात में और बढ़ गई है। सड़क पर कीचड़ और पानी के बीच दोपहिया वाहन चालकों तथा पैदल राहगीरों को निकलना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण जरूरी है, लेकिन जब तक पुल तैयार नहीं होता, तब तक आवागमन के वैकल्पिक रास्ते को सुरक्षित और सुगम बनाया जाना चाहिए। निर्माण के दौरान आमजन को कम से कम परेशानी हो, इसकी जिम्मेदारी भी कार्यदायी संस्था की है।
ट्रेन के गुजरते ही लगता था लंबा जाम
मखदूमनगर रेलवे क्रॉसिंग क्षेत्र में लंबे समय से जाम की समस्या बनी रही है। ट्रेन आने पर फाटक बंद होते ही दोनों तरफ वाहनों की कतार लग जाती थी। कई बार लोगों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ता था। आरओबी का निर्माण पूरा होने के बाद रेलवे फाटक पर रुकने की यह समस्या काफी हद तक समाप्त होने की उम्मीद है।
56 करोड़ से अधिक की लागत से बन रहा 673 मीटर लंबा पुल
आरओबी की कुल लंबाई 673.76 मीटर है, जबकि परियोजना की स्वीकृत लागत 5,630.56 लाख रुपये यानी करीब 56.31 करोड़ रुपये है। परियोजना के वायाडक्ट हिस्से के फाउंडेशन, सब-स्ट्रक्चर और सुपर-स्ट्रक्चर का कार्य पूरा किया जा चुका है। रेलवे पोर्शन के फाउंडेशन के लिए पाइल का काम भी पूरा हो गया है। अब शेष निर्माण कार्यों को तेजी से पूरा कराया जा रहा है।
आरओबी के दोनों ओर सर्विस रोड और आरई वॉल का निर्माण भी कराया जा रहा है। उप परियोजना प्रबंधक कमलेश त्रिपाठी के अनुसार कार्य की गति बढ़ाई गई है और निर्धारित समयसीमा में निर्माण पूरा कराने का प्रयास किया जा रहा है।डीएम के सख्त निर्देश के बाद बढ़ी निगरानी
जिलाधिकारी ईशा प्रिया ने कार्यदायी संस्था को निर्देश दिया है कि निर्माण कार्य में किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी न हो। उन्होंने गुणवत्ता के साथ समयसीमा का विशेष ध्यान रखने और मार्च 2027 तक आरओबी को हर हाल में जनसामान्य के लिए उपलब्ध कराने पर जोर दिया है।
आरओबी बनेगा तो कई इलाकों को मिलेगी राहत
आरओबी बनने से टांडा और आसपास के क्षेत्रों के अलावा इल्तिफातगंज, अयोध्या, बस्ती और आजमगढ़ की ओर आने-जाने वाले लोगों को भी सुविधा मिलेगी। विद्यार्थियों, कर्मचारियों, व्यापारियों और रोजाना आवागमन करने वाले लोगों के लिए यह परियोजना बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। रेलवे फाटक पर जाम खत्म होने से समय की बचत के साथ व्यापारिक और आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है।
फिलहाल लोगों की निगाहें डीएम की फटकार के बाद निर्माण की रफ्तार पर टिकी हैं। सवाल यही है कि जब 67 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है तो बाकी काम कब रफ्तार पकड़ेगा और मखदूमनगर रेलवे क्रॉसिंग का वर्षों पुराना जाम व राहगीरों का दर्द आखिर कब खत्म होगा?





