अशरफपुर किछौछा के चेयरमैन ओमकार गुप्ता के पॉवर सीज मामले में हाईकोर्ट सख्त, 24 अगस्त को कोर्ट में हाजिरी—नगर विकास विभाग में मचा हड़कंप!
अम्बेडकरनगर। अशरफपुर किछौछा नगर पंचायत के चेयरमैन ओमकार गुप्ता के पॉवर सीज मामले में अब हाईकोर्ट की सख्ती ने पूरे प्रकरण को गर्म कर दिया है। कोर्ट के आदेश के बावजूद मामले में समय से कार्रवाई न होने पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने नगर विकास विभाग के प्रमुख सचिव पी. गुरु प्रसाद के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई शुरू करते हुए नोटिस जारी किया है। उक्त मामले में कोर्ट ने 5,000 रुपये का व्यक्तिगत जुर्माना लगाए जाने के साथ प्रमुख सचिव को 24 अगस्त को व्यक्तिगत रूप से अथवा अधिवक्ता के माध्यम से जवाब देने का निर्देश दिया है।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी फाइल नहीं चली!
पूरा मामला अक्टूबर 2025 से जुड़ा है। नगर विकास विभाग ने चेयरमैन ओमकार गुप्ता के अधिकारों/पॉवर को सीज करने का आदेश जारी किया था। इसके खिलाफ चेयरमैन हाईकोर्ट पहुंच गए और आरोप लगाया कि उनका पक्ष सुने बिना ही आदेश जारी कर दिया गया।
हाईकोर्ट ने मामले में राहत देते हुए संबंधित कार्रवाई पर रोक लगाई और चेयरमैन का पक्ष सुनकर निर्धारित समय में निर्णय लेने का निर्देश दिया।
इसके बाद जिलाधिकारी अम्बेडकरनगर ने सुनवाई कर अपनी रिपोर्ट नगर विकास विभाग को भेज दी, लेकिन आरोप है कि रिपोर्ट पहुंचने के बाद भी विभागीय स्तर पर लंबे समय तक कोई प्रभावी निर्णय नहीं लिया गया।
देरी पर कोर्ट का पारा चढ़ा!
मामले में आदेश के अनुपालन में देरी को लेकर हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया। कोर्ट ने इसे न्यायालय के आदेश की अवहेलना से जुड़ा मामला मानते हुए प्रमुख सचिव नगर विकास को अवमानना नोटिस जारी कर दिया। कोर्ट की सख्ती का संदेश साफ है—अदालत का आदेश अधिकारी हो या जनप्रतिनिधि, सभी के लिए बाध्यकारी है।
कोर्ट की सख्ती के बाद आनन-फानन में चेयरमैन को नोटिस!
हाईकोर्ट के शिकंजे के बाद नगर विकास विभाग में भी तेजी दिखाई दी। जानकारी के अनुसार विभाग ने अब चेयरमैन ओमकार गुप्ता को दोबारा नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
नोटिस में 10 अगस्त तक जवाब देने को कहा गया है। साथ ही निर्धारित समय में जवाब नहीं देने पर यह माना जाएगा कि संबंधित पक्ष को इस मामले में कुछ नहीं कहना है।
यानी जिस फाइल पर लंबे समय से कार्रवाई का इंतजार था, हाईकोर्ट की सख्ती के बाद वही फाइल अचानक तेज रफ्तार से दौड़ने लगी!
आरटीआई विशेषज्ञ का दावा—अब बड़ी कार्रवाई तय!
मामले को लेकर आरटीआई विशेषज्ञ शाहिद मुनीर ने भी विस्तृत वीडियो जारी किया है। उन्होंने पूरे घटनाक्रम को सामने रखते हुए दावा किया है कि चेयरमैन ओमकार गुप्ता के खिलाफ जल्द ही बड़ी कार्रवाई हो सकती है। हालांकि, अंतिम कार्रवाई क्या होगी, इसका फैसला संबंधित विभागीय प्रक्रिया और न्यायालय के आदेशों के आधार पर ही होगा।
अब 24 अगस्त पर टिकी निगाहें
इस पूरे मामले में अब 24 अगस्त 2026 की तारीख बेहद महत्वपूर्ण हो गई है। हाईकोर्ट के सामने नगर विकास विभाग की ओर से क्या जवाब दिया जाता है और चेयरमैन के मामले में विभाग क्या निर्णय लेता है, यह देखना अहम होगा।
फिलहाल तस्वीर साफ है—चेयरमैन के पॉवर सीज मामले में नगर विकास विभाग की कथित सुस्ती पर हाईकोर्ट ने ऐसा ब्रेक लगाया है कि अब अफसरों को कोर्ट के सामने जवाब देना पड़ रहा है।




