WhatsApp Icon

खबर छपी तो खुली पालिका की नींद! नाला साफ किए बिना ही फिर रख दी पटिया, जलभराव का संकट बरकरार

Sharing Is Caring:

अम्बेडकरनगर: जलालपुर नगर में जलभराव की समस्या से निपटने के नगर पालिका के दावों की एक बार फिर पोल खुलती नजर आ रही है। करीब एक माह से जाम पड़े नाले की सफाई के लिए हटाई गई पटिया को नाला साफ किए बिना ही आनन-फानन में दोबारा रखवा दिया गया। मीडिया में खबर प्रकाशित होने के बाद हुई इस कार्रवाई को स्थानीय लोग समस्या के समाधान के बजाय महज खानापूर्ति बता रहे हैं।

स्थानीय लोगों के मुताबिक नाला लंबे समय से गंदगी और सिल्ट से जाम पड़ा है। बरसात में पानी की निकासी बाधित होने के कारण सड़क पर जलभराव की स्थिति पैदा हो जाती है। इसी समस्या के समाधान की उम्मीद में करीब 20 दिन पहले नाले की पटिया हटाई गई थी। लोगों को उम्मीद थी कि नाले की तलहटी तक सफाई कर सिल्ट और कचरा बाहर निकाला जाएगा, लेकिन 20 दिन गुजर गए और नाला जस का तस पड़ा रहा।

इसी बीच नाले की बदहाली और पालिका की कार्यशैली को लेकर खबर प्रकाशित हुई तो जिम्मेदारों में खलबली मच गई। इसके बाद सफाई कार्य पूरा कराने के बजाय पटिया ही वापस रखवा दी गई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नाले के भीतर जमा गंदगी और कचरा अभी भी मौजूद है। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर बिना नाला साफ किए पटिया रखने की इतनी जल्दबाजी क्यों दिखाई गई?

सफाई नहीं, सिर्फ ऊपर से पर्दा डालने की कवायद?

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि नाला जाम है और उसकी वजह से बारिश का पानी सड़क पर भरता है तो महज पटिया रख देने से जलनिकासी कैसे सुधरेगी? क्या नगर पालिका प्रशासन का उद्देश्य वास्तव में नाले की सफाई कराना है या फिर मीडिया में मामला आने के बाद काम पूरा दिखाकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ना? सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब नाला साफ ही नहीं हुआ तो पटिया दोबारा क्यों रखवा दी गई? यदि सफाई के लिए पटिया हटाई गई थी तो सफाई पूरी किए बिना उसे वापस रखने का औचित्य क्या है?

बरसात के बीच स्थानीय लोगों को आशंका है कि अगली तेज बारिश के साथ नाला फिर उफनेगा और सड़क पर जलभराव की स्थिति पैदा होगी। इससे दुकानदारों और स्थानीय निवासियों के साथ राहगीरों को भी परेशानी उठानी पड़ेगी। गंदा पानी सड़क पर फैलने से दुर्गंध और संक्रमण का खतरा भी बढ़ सकता है।

पालिका की कार्यशैली पर उठे सवाल

स्थानीय लोगों में नगर पालिका की कार्यशैली को लेकर नाराजगी है। उनका कहना है कि नगर की मूलभूत समस्याओं का स्थायी समाधान करने के बजाय ऊपरी तौर पर काम पूरा दिखाने की कोशिश की जा रही है। नाले की सफाई के नाम पर पटिया हटाना, करीब 20 दिन तक सफाई न कराना और फिर मीडिया में खबर प्रकाशित होने के बाद बिना सफाई कराए पटिया वापस रख देना नगर पालिका प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

अब देखना यह है कि नगर पालिका प्रशासन इस मामले को महज औपचारिकता तक सीमित रखता है या वास्तव में नाले की सफाई कराकर जलनिकासी की समस्या का स्थायी समाधान करता है।

अन्य खबर

बिजली उपभोक्ताओं के लिए विभाग का बड़ा फैसला! अब मिलेगी ऐसी सुविधा, जिसकी शायद नहीं थी उम्मीद!

गल्ला मंडी में पुलिस की कथित पिटाई का मामला गरमाया, पीड़ित पहुंचा मुख्यमंत्री पोर्टल! सीओ ने शुरू की जांच

मदरसे में मौलाना ने छात्र से कराई सिर की मालिश! वायरल वीडियो से मचा हड़कंप, अल्पसंख्यक विभाग ने लिया संज्ञान; जांच के आदेश

error: Content is protected !!