अम्बेडकरनगर/जलालपुर। जलालपुर नगर पालिका के वार्ड नंबर छह के वाजिदपुर क्षेत्र में नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। नाला निर्माण के करीब दो वर्ष बाद भी उस पर पटिया नहीं रखी जा सकी है। नाले के ठीक किनारे प्राथमिक विद्यालय होने के कारण रोजाना सैकड़ों बार गुजरने वाले मासूम बच्चों की सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है, लेकिन जिम्मेदारों की कार्रवाई महज आश्वासन तक सिमटी हुई है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि खुले नाले में कई बार छोटे बच्चे गिरकर चोटिल हो चुके हैं। स्कूल आने-जाने के दौरान बच्चों के दौड़ने से हादसे की आशंका और बढ़ जाती है। कई बच्चों के कपड़े और स्कूली बैग तक नाले में गिरकर खराब हो चुके हैं। इसके बावजूद नगर पालिका प्रशासन इस गंभीर समस्या को लेकर उदासीन बना हुआ है।
छह माह पहले शिकायत, एसडीएम के निर्देश भी बेअसर
स्थानीय लोगों के मुताबिक करीब छह माह पूर्व नाले पर पटिया रखवाने की शिकायत की गई थी। शिकायत का संज्ञान लेते हुए तत्कालीन उप जिलाधिकारी राहुल कुमार गुप्ता ने मौके का निरीक्षण कर नाले पर पटिया रखवाने के निर्देश दिए थे। लेकिन निर्देश के बाद भी छह माह से अधिक समय गुजर गया और स्थिति जस की तस बनी हुई है। लोगों का कहना है कि जब अधिकारियों के निर्देश के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो रहा है तो आखिर जिम्मेदारी किसकी है? लोगों ने नाला निर्माण के बाद पटिया नहीं रखने वाले ठेकेदार पर भी कार्रवाई की मांग की है।
स्थानीय निवासी मनरेसा यादव, सुरेश चौहान, बृजेश गौड़, बृजेश यादव और शांति देवी ने नगर पालिका प्रशासन से तत्काल पटिया रखवाकर नाले को सुरक्षित कराने की मांग की है। उनका कहना है कि किसी बड़े हादसे का इंतजार करने के बजाय जिम्मेदारों को तत्काल कदम उठाना चाहिए।
टेंडर हो चुका, जल्द पड़ेगी पटिया—सभासद
इस संबंध में वार्ड नंबर छह के सभासद राजेश यादव ने बताया कि नाले पर पटिया रखने के लिए टेंडर किया जा चुका है और जल्द ही पटिया रखवा दी जाएगी। वहीं नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी अरविंद कुमार ने भी जल्द नाले पर पटिया रखवाने का आश्वासन दिया है। बहरहाल अब देखना यह है कि जिम्मेदारों का यह आश्वासन कब धरातल पर उतरता है या फिर स्कूल के मासूमों की सुरक्षा भी फाइलों और आश्वासनों के बीच ही फंसी रहती है।




