अम्बेडकरनगर: बुनकर नगरी टाण्डा में बिजली विभाग की कथित मनमानी के खिलाफ शुक्रवार को शुरू हुआ धरना आखिरकार अधिकारियों के आश्वासन के बाद समाप्त हो गया। कई दिनों से बिना पूर्व सूचना बिजली कनेक्शन काटने, बिजिलिन्स टीम द्वारा अचानक छापेमारी, भारी जुर्माना लगाने और उपभोक्ताओं के उत्पीड़न के आरोपों को लेकर बुनकर समाज में भारी आक्रोश था।
बुनकरों की शिकायत पर सपा के राष्ट्रीय सचिव एवं टाण्डा विधायक राममूर्ति वर्मा जुमे की नमाज के बाद अलीगंज थाना क्षेत्र के मुमताजगंज पहुंचे। पहले उन्होंने बुनकरों की समस्याएं सुनीं और बिजली विभाग के अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग की। काफी देर तक कोई अधिकारी नहीं पहुंचा तो विधायक शिरिया मस्जिद के निकट धरने पर बैठ गए। उनके साथ सपा जिलाध्यक्ष जंग बहादुर यादव, जिला महासचिव मुजीब अहमद ‘सोनू’, नगर अध्यक्ष सैय्यद कसीम अशरफ, ज़फर हयात अंसारी, रघुनाथ यादव, जिया अंसारी, मो. सईद, इसरार अहमद सहित सैकड़ों की संख्या में बुनकर धरने पर डटे रहे।
विधायक के धरने पर बैठने की सूचना मिलते ही बिजली विभाग में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और विधायक से वार्ता की। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि किसी भी उपभोक्ता को अनावश्यक रूप से परेशान नहीं किया जाएगा, बिना जिम्मेदार अधिकारियों की मौजूदगी के कोई चेकिंग अभियान नहीं चलाया जाएगा तथा संविदा और ठेका कर्मियों द्वारा किसी भी प्रकार की अभद्रता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इतना ही नहीं, मौके पर जिन उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शन काटे गए थे, उन्हें तत्काल दोबारा जोड़ दिया गया। अधिकारियों के आश्वासन और कार्रवाई के बाद विधायक राममूर्ति वर्मा ने धरना समाप्त करने की घोषणा की।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद बुनकरों और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली। वहीं बिजली विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर उठे सवालों ने टाण्डा में नई बहस छेड़ दी है।





