WhatsApp Icon

कल गूंजेगी या हुसैन का सदायें! नाना नवासे के मातम में होगी 72 ताबूत व अलम की जियारत

Sharing Is Caring:
कल अर्थात मंगलवार को कटौना में 24वां सालाना आयोजन, मजलिस-नौहाख्वानी और मातम में उमड़ेंगे अकीदतमंद; बाहर से पहुंचेंगी कई मातमी अंजुमनें

अम्बेडकरनगर। शहीदाने कर्बला की अजीम कुर्बानियों की याद में 27 सफर के मौके पर 11 अगस्त मंगलवार को अकबरपुर क्षेत्र के मौजा हसनाबाद, कटौना स्थित अजाखाना-ए-अबुतालिब में सालाना मजलिस बयादगारे नाना नवासे का भव्य आयोजन होगा। अंजुमन यादगारे हुसैनी की ओर से आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में 72 ताबूत और 72 अलम की जियारत कराई जाएगी। कार्यक्रम को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 8 बजे होगी। 24वें सालाना दौर के तहत होने वाले इस आयोजन में मजलिस, नौहाख्वानी और मातम के जरिए शहीदाने कर्बला की कुर्बानियों और उनके पैगाम को याद किया जाएगा। आयोजन को लेकर अकीदतमंदों में खासा उत्साह है और बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।

कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में हुज्जतुल इस्लाम मौलाना सैयद सुल्तान हुसैन शिरकत करेंगे। इसके अलावा हुज्जतुल इस्लाम मौलाना वसी हसन खान और हुज्जतुल इस्लाम मौलाना मोहम्मद हुसैन हुसैनी भी मजलिस को खिताब करेंगे।

मुजफ्फरनगर से लखनऊ तक पहुंचेंगी मातमी अंजुमनें

मौलाना अली अब्बास वफ़ा ने बताया कि कार्यक्रम में विभिन्न शहरों की मातमी अंजुमनों की भी सहभागिता रहेगी। अंजुमन दुआए जहरा मुजफ्फरनगर, अंजुमन आरफी मुजफ्फरनगर, अंजुमन पैगामे अली अकबर लखनऊ, अंजुमन फरोग-ए-अजा बाराबंकी, अंजुमन जफरिया लोरपुर तथा अंजुमन यादगार हुसैनी कटौना के मातमी दस्ते नौहाख्वानी और सीनाजनी के जरिए अपनी अकीदत पेश करेंगे।

72 ताबूत और 72 अलम की जियारत इस आयोजन का प्रमुख आकर्षण रहेगी। कर्बला के शहीदों की याद में होने वाले इस कार्यक्रम में मातम और नौहाख्वानी के दौरान अकीदतमंद गमगीन माहौल में अपनी अकीदत का इजहार करेंगे।

सूरापुर व अरिया बाजार से मिलेगी निःशुल्क सवारी

आयोजकों ने शिया समुदाय के लोगों से निर्धारित समय पर कार्यक्रम स्थल पहुंचकर मजलिस और मातम में शामिल होने की अपील की है। टांडा-अकबरपुर मुख्य मार्ग पर सूरापुर और अरिया बाजार से अजाखाना-ए-अबुतालिब, कटौना तक आने-जाने के लिए निःशुल्क सवारी की व्यवस्था की गई है।

आयोजकों के मुताबिक कार्यक्रम का उद्देश्य कर्बला के शहीदों की कुर्बानी, सब्र और हक के पैगाम को याद करना और आने वाली पीढ़ियों तक इस विरासत को पहुंचाना है।

अन्य खबर

सर्राफा कारोबारी पर नकाबपोश बदमाशों का हमला! पाउडर फेंककर गिराया, मारपीट के बाद बाइक लूटकर फरार

अपराधियों की अब खैर नहीं! सम्हरिया चौराहे पर खाकी का नया पहरा, एसपी प्राची सिंह ने किया चौकी का उद्घाटन

दिव्यांगजनों के लिए खुला सहूलियत का रास्ता! विकास भवन में बांटी गईं साइकिल, व्हीलचेयर और मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल

error: Content is protected !!