आठ घंटे तक गूंजता रहा नातों और सलाम का स्वर, पुष्पवर्षा, जलपान और तिरंगों के बीच दिखी गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल
अम्बेडकरनगर: बुनकर नगरी टाण्डा बुधवार को इश्क-ए-रसूल ﷺ के रंग में पूरी तरह रंगी नजर आई। नगर का 71वां ऐतिहासिक जुलूसे मोहम्मदी जब कस्बा जामा मस्जिद से रवाना हुआ तो पूरा शहर “मरहबा या रसूल अल्लाह” और नात-ओ-सलाम की सदाओं से गूंज उठा। हजारों अकीदतमंदों की मौजूदगी में निकला यह ऐतिहासिक जुलूस अपनी शान, अनुशासन, अदब और भव्यता के कारण पूरे जनपद में चर्चा का विषय बना रहा।
मरकज अंजुमन गुलामाने मुस्तफा के नेतृत्व में निकला जुलूस परंपरागत मार्गों से गुजरते हुए तलवापार स्थित हजरत हक्कानी शाह रहमतुल्लाह अलैह की दरगाह पर पहुंचकर सम्पन्न हुआ।
करीब आठ घंटे तक चले इस ऐतिहासिक जुलूस में नगर के विभिन्न मोहल्लों से बड़ी संख्या में अंजुमनों, उलेमा, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों ने हिस्सा लिया।
जुलूस के आगे-आगे तिरंगे लहराते युवा और पीछे अनुशासित कतारों में चल रही अंजुमनें लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी रहीं।
अंजुमनों के सदस्यों ने आकर्षक व एकरूप पोशाक पहनकर अदब और अनुशासन का ऐसा प्रदर्शन किया कि देखने वाले भी प्रभावित हुए बिना नहीं रह सके।
जगह-जगह बरसे फूल, स्वागत में बिछ गए लोग
जुलूस के मार्ग पर नगर के विभिन्न मोहल्लों और चौराहों पर स्वागत की भव्य तैयारियां की गई थीं। कई स्थानों पर अकीदतमंदों ने छतों से पुष्पवर्षा कर जुलूस का इस्तकबाल किया तो कहीं फूल-मालाओं से स्वागत हुआ। रास्ते भर दर्जनों स्टाल लगाकर शर्बत, पानी, ठंडे पेय और अन्य जलपान की व्यवस्था की गई।
जुबैर चौराहे पर पहुंचे जुलूस का भव्य स्वागत किया गया। यहां हेलाल अशरफ एडवोकेट ने धार्मिक आयोजनों में राजनीतिक हस्तक्षेप और नेताओं की बढ़ती मौजूदगी पर नाराजगी व्यक्त करते हुए धार्मिक आयोजनों की पवित्रता बनाए रखने की अपील की।
नयन तारा चौराहे पर राजा काजिम रजा नजमी ने जुलूस पर पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। वहीं वरिष्ठ समाजसेवी धर्मवीर सिंह बग्गा ने अपने आवास के निकट पूर्व वर्षों की परंपरा को कायम रखते हुए जुलूस का जोरदार स्वागत किया तथा अकीदतमंदों के लिए जलपान की व्यवस्था कराई।
इसके अलावा छज्जापुर, अलीगंज, ताज तिरंगा, छोटी बाजार, कस्बा मदरसा ऐनुल उलूम, सकरावल सहित अनेक स्थानों पर लोगों ने बढ़-चढ़कर स्वागत किया। पूरे मार्ग पर धार्मिक उत्साह और भाईचारे का वातावरण देखने को मिला।
फैजाने हक्कानी फाउंडेशन ने किया सम्मान
जुलूस के दौरान फैजाने हक्कानी फाउंडेशन के संस्थापक कारी जमाल अशरफ़ द्वारा अनुशासन और अदब के साथ चलने वाली 41 अंजुमनों को स्मृतिचिह्न भेंटकर सम्मानित किया गया।
इस पहल को लोगों ने खूब सराहा और इसे युवाओं को सकारात्मक संदेश देने वाला कदम बताया।
तिरंगों से दिया देशभक्ति का संदेश
जुलूस की एक खास बात यह रही कि बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने हाथों में तिरंगा लेकर हिस्सा लिया। धार्मिक श्रद्धा के साथ-साथ देशभक्ति का यह अनूठा संगम लोगों के आकर्षण का केंद्र बना रहा। तिरंगों की मौजूदगी ने यह संदेश दिया कि मजहबी आस्था और वतन से मोहब्बत एक-दूसरे के पूरक हैं।
भाईचारे और एकता का बना संदेशवाहक
71वां ऐतिहासिक जुलूसे मोहम्मदी केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह सामाजिक समरसता, आपसी प्रेम, सौहार्द और गंगा-जमुनी तहजीब का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आया।
विभिन्न समुदायों के लोगों ने स्वागत में भाग लेकर यह साबित किया कि टाण्डा की पहचान आज भी भाईचारे और आपसी सम्मान से कायम है।
नगरवासियों का कहना था कि जुलूस ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि मोहब्बत, इंसानियत, अमन और भाईचारा ही पैगम्बर-ए-इस्लाम ﷺ की असली तालीम है।
पूरे आयोजन के दौरान प्रशासनिक व्यवस्था भी चुस्त-दुरुस्त रहा। पुलिस कप्तान प्राची सिंह ने भी जुलूस का निरीक्षण कर बच्चो को दुलार किया, उस समय सीओ टाण्डा बीबी मौजूद रहे। एसडीएम टाण्डा की गैर मौजूदगी चर्चा का विषय बनी रही।
टाण्डा तहसीलदार गरिमा भार्गव, कोतवाली निरीक्षक दीपक सिंह रघुवंशी व अलीगंज थानाध्यक्ष सुनील कुमार पांडेय पूरे जुलूस में सक्रिय रहे। इस दौरान प्रशासन को कहीं से किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।
मरकज़ अंजुमन गुलामाने मुस्तफा के अध्यक्ष आरिफ खान, सेक्रेटरी फज़ले रब अंसारी, आराफात कामिल शोबी, शमसाद खान, सिराज फ़ाज़िल, शाहनवाज़ खान शानू, हाफिज मो.दानिश मेराज अहमद, आफताब गुड्डू, इसरार अहमद आदि व्यवस्था देने में जुटे रहे।
71वें जुलूस ए मोहम्मद में मुख्य रूप से अम्बेडकरनगर सांसद लालजी वर्मा, टाण्डा विधायक राममूर्ति वर्मा, मदरसा मंज़रे हक के प्रबंधक हाजी अशफाक अहमद अंसारी, सेक्रेटरी हाजी शमीम अख्तर अंसारी,
मदरसा ऐनुल उलूम के प्रबंधक मौलाना अदील अहमद कासमी, अदारे शरैय्या के मौलाना अतीक अहमद, पूर्व एमएलसी विशाल वर्मा, ब्लाक प्रमुख सुरजीत वर्मा,
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कप्तान सिंह, मिश्रीलाल आर्यकन्या ग्रुप प्रबन्धक अमिताभ आर्य, चन्द्रशेखर गुप्ता, नफीस अहमद, सै.कसीम अशरफ, मुसाब अजीम, इंजीनियर एजाज अंसारी, मास्टर निरप्रसाद शर्मा, हाजी इफ्तेखार अंसारी,
महंत चन्द्रप्रकाश त्रिपाठी, एआईएमआईएम जिलाध्यक्ष गुलाम दस्तगीर अंसारी, मुजीब अहमद सोनू, संदीप यादव, कारी इम्तियाज, शकील अहमद टाइगर, हाजी कासिम अंसारी, जुल्फेकार अंसारी सभासद, जिया अंसारी, ज़फर हयात अंसारी, डिप्पु, रघुनाथ यादव, अनीसुर्रहमान गुड्डा, जमाल अंसारी, जावेद सिद्दीकी, अमिताभ पांडेय, आमिर सिद्दीकी, महबूब आलम अंसारी, मो.रईस, अशरफ लाल बाल, रईस अशरफी आदि शामिल रहे।
71वें ऐतिहासिक जुलूसे मोहम्मदी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि टाण्डा केवल बुनकरों की नगरी ही नहीं, बल्कि मोहब्बत, तहजीब, सौहार्द और धार्मिक एकता की भी मिसाल है। 




