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पुलिस भर्ती में चयनित युवक की सड़क हादसे में मौत, आधे घंटे तक तड़पता रहा जवान और लोग बनाते रहे वीडियो, एम्बुलेंस पर उठे सवाल

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अम्बेडकरनगर। जिले के इब्राहिमपुर थाना क्षेत्र में रविवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे ने हर किसी को झकझोर दिया। पुलिस भर्ती परीक्षा में हाल ही में चयनित 22 वर्षीय युवक की तेज रफ्तार अज्ञात अर्टिगा कार की टक्कर से मौत हो गई। आरोप है कि हादसे के बाद युवक करीब आधे घंटे तक सड़क पर तड़पता रहा, लेकिन समय पर एम्बुलेंस नहीं पहुंची। इस दौरान कई लोग मदद करने के बजाय उसका वीडियो बनाते रहे। बाद में एक सामाजिक कार्यकर्ता अपनी निजी गाड़ी से युवक को अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

जानकारी के अनुसार, इब्राहिमपुर थाना क्षेत्र के शाहपुर गांव निवासी उत्कर्ष वर्मा उर्फ सोनू (22) पुत्र चंद्रभान वर्मा अवसानपुर स्थित केशव शरण विद्यालय में संचालित कोचिंग में पढ़ने जाता था। रविवार सुबह करीब 9 बजे कोचिंग से निकलकर जैसे ही वह साइकिल से सड़क पर आया, अयोध्या की ओर से टांडा की तरफ जा रही तेज रफ्तार अर्टिगा कार अनियंत्रित होकर सड़क से उतर गई और उसे जोरदार टक्कर मारते हुए रौंद दिया।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसे के बाद चालक ने कार को पीछे किया, दोबारा सड़क पर चढ़ाया और बिना रुके टांडा की ओर फरार हो गया। गंभीर रूप से घायल उत्कर्ष सड़क पर तड़पता रहा। ग्रामीणों ने तत्काल एम्बुलेंस को सूचना दी, लेकिन काफी देर तक एम्बुलेंस मौके पर नहीं पहुंची। इस बीच आसपास मौजूद कई लोग घायल युवक की मदद करने के बजाय उसका वीडियो बनाते रहे, जिसे लेकर क्षेत्र में नाराजगी है।

लगभग आधे घंटे बाद सूचना मिलने पर सामाजिक कार्यकर्ता अरविंद यादव अपनी निजी गाड़ी से मौके पर पहुंचे और घायल युवक को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) टांडा पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसकी गंभीर हालत देखते हुए पीजीआई सद्दरपुर रेफर कर दिया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।

बताया जा रहा है कि उत्कर्ष ने हाल ही में आयोजित पुलिस भर्ती परीक्षा में सफलता प्राप्त की थी और जल्द ही पुलिस की वर्दी पहनकर अपने माता-पिता का सपना पूरा करने वाला था। लेकिन एक सड़क हादसे ने उसके सभी सपनों को हमेशा के लिए खत्म कर दिया।

उत्कर्ष दो भाइयों में बड़ा था। उसके पिता चंद्रभान वर्मा ईंट-भट्ठे पर मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं, जबकि मां सुनीता देवी गृहिणी हैं। छोटा भाई हर्ष (मोनू) अभी दसवीं कक्षा का छात्र है। बेटे की मौत से पूरे परिवार में कोहराम मचा हुआ है।

हादसे के बाद समय पर एम्बुलेंस न पहुंचने और घायल युवक की मदद करने के बजाय वीडियो बनाने की घटना को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। लोगों ने एम्बुलेंस सेवा की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं।

थानाध्यक्ष आशुतोष शर्मा ने बताया कि सड़क हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। मामले की जांच की जा रही है तथा फरार अज्ञात वाहन और उसके चालक की तलाश की जा रही है।

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