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25 जनपदों के सम्मेलन में जमीयत का दो टूक संदेश: मौजूदा हुकूमत से खैर की उम्मीद नहीं, नफरत के दौर में अमन और एकता का पैगाम जारी रहेगा

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मौर्य मैरेज़ लान पुनथर टांडा में सम्पन्न हुआ जमीयत उलेमा का 25 जनपदों का सम्मेलन

अम्बेडकरनगर: मौर्य मैरेज लॉन, पुथर टांडा में जमीयत उलमा-ए-हिंद के पदाधिकारियों का महत्वपूर्ण कार्यक्रम गुरुवार को शांतिपुर्ण माहौल में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में लगभग 25 जनपदों से पहुंचे पदाधिकारियों ने मौजूदा हालात और मुसलमानों की जिम्मेदारियों पर मंथन किया। संचालन मौलाना अशफाक आजमगढ़, प्रदेश उपाध्यक्ष जमीयत उलमा ने किया, जबकि अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष मौलाना सैय्यद अशहद रशीदी ने की। मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जमीयत उलमा-ए-हिंद सैय्यद असजद मदनी मौजूद रहे।

कार्यक्रम में वितरित पर्चे में मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों को लेकर जमीयत ने सरकार पर तीखा निशाना साधा। पर्चे में कहा गया कि “मौजूदा हुकूमत से हमें किसी खैर की उम्मीद कदापि नहीं है, क्योंकि मुस्लिम विरोधी नारेबाजी के जरिए यह पार्टी सत्ता में आई है।” हालांकि इसके साथ संगठन ने नफरत के जवाब में नफरत के बजाय अमन, मोहब्बत और सामाजिक सौहार्द का रास्ता अपनाने का आह्वान किया।
जमीयत ने साफ किया कि हिन्दू-मुस्लिम एकता के रास्ते से पीछे नहीं हटेगी। संगठन के मुताबिक बहुत जल्द लखनऊ में हिन्दू-मुस्लिम एकता पर आधारित बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। खास बात यह रही कि जमीयत ने अपने आगामी कार्यक्रमों में सियासतदानों की जगह विभिन्न धर्मों से जुड़े दानिशवरों और विद्वानों को मंच देने का फैसला किया है।


संगठन ने गांव, कस्बे और शहर स्तर पर छोटे-छोटे कार्यक्रम आयोजित कर हिन्दू-मुस्लिम एकता और भाईचारे का खुला संदेश देने की रणनीति भी तय की। इन कार्यक्रमों में हिन्दू और अन्य धर्मों से जुड़े विद्वानों को मंच पर स्थान देने की बात कही गई है, जबकि राजनीतिक नेताओं को मंच से दूर रखने का फैसला लिया गया है।

बैठक से निकला संदेश साफ था—राजनीतिक परिस्थितियां चाहे जितनी तल्ख हों, जमीयत अमन और सामाजिक एकता का मुद्दा नहीं छोड़ेगी। संगठन अब सियासी मंचों के बजाय सामाजिक और बौद्धिक संवाद के जरिए हिन्दू-मुस्लिम भाईचारे का संदेश गांव-गांव और शहर-शहर पहुंचाने की तैयारी में है हालांकि जमीयत ने साफ किया कि जमीयत के मंचों पर किसी भी राजनीतिक पार्टी के नेताओं को स्थान ना दिया जाए बल्कि अमन व प्यार का पैगाम देने वाले सभी धर्मों के अनुयायियों को प्रमुखता से स्थान दिया जाए। जमीयत ने दावा किया कि बहुत जल्द प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भी हिन्दू मुस्लिम एकता पर भव्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। उक्त अवसर पर जमीयत उलेमा के पदाधिकारियों के साथ जमीयत से जुड़े स्थानीय काफी लोग मौजूद रहे।

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