फॉरेंसिक, हिस्टोपैथोलॉजिकल और बिसरा रिपोर्ट खोलेगी मौत का राज; आपराधिक संलिप्तता मिली तो होगी कड़ी कार्रवाई
जलालपुर, अंबेडकरनगर। मालीपुर थाना क्षेत्र के रूढ़ा गांव में आईपीएस अधिकारी आशुतोष मिश्रा की 91 वर्षीय मां इंद्रावती मिश्रा की संदिग्ध मौत का मामला अब पुलिस की पांच जांच टीमों के घेरे में है। बुधवार को एडीजी प्रवीण कुमार ने गांव पहुंचकर परिजनों से मुलाकात की और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। एडीजी ने साफ कहा कि मामले के हर पहलू की गहनता से जांच होगी और वैज्ञानिक रिपोर्टों के अध्ययन के बाद ही मौत की वास्तविक वजह सामने आएगी।
एडीजी प्रवीण कुमार ने आईपीएस आशुतोष मिश्रा और अन्य परिजनों से घटना की जानकारी लेते हुए उन्हें हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया। इसके बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने बताया कि सच्चाई सामने लाने के लिए पांच अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं, जो अलग-अलग बिंदुओं पर जांच कर रही हैं। इन टीमों की रोजाना की प्रगति की वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा समीक्षा भी की जा रही है।
उन्होंने बताया कि फॉरेंसिक जांच, हिस्टोपैथोलॉजिकल एनालिसिस और बिसरा रिपोर्ट बेहद महत्वपूर्ण हैं। इन रिपोर्टों का स्थानीय स्तर पर चल रही जांच के साथ मिलान और अध्ययन किया जाएगा। इसके बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाएगी।
एडीजी ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि यदि जांच के दौरान किसी व्यक्ति की आपराधिक संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद से इंद्रावती मिश्रा के घर पर 24 घंटे स्थानीय पुलिस की तैनाती की गई है। मालीपुर थाने से लेकर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों तक लगातार घटनास्थल और परिवार के संपर्क में हैं।
हार्ट अटैक की बात से शुरू हुआ मामला, हत्या की आशंका ने बढ़ाया सस्पेंस
दरअसल, 16 अगस्त की सुबह रूढ़ा गांव स्थित आवास पर इंद्रावती मिश्रा मृत अवस्था में मिली थीं। आसपास के लोगों ने शुरुआती तौर पर मौत की वजह हृदयाघात बताई थी। सूचना मिलने पर लखनऊ पुलिस मुख्यालय में तैनात आईपीएस आशुतोष मिश्रा घर पहुंचे। मां की मौत की परिस्थितियों पर संदेह जताते हुए उन्होंने मालीपुर पुलिस को अज्ञात के खिलाफ लिखित तहरीर दी, जिसके आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया।
इसके बाद तीन सदस्यीय चिकित्सकीय पैनल से पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम में शरीर पर किसी प्रकार की चोट के निशान नहीं मिले और मृत्यु का कारण हृदयाघात बताया गया। लेकिन आईपीएस अधिकारी द्वारा जताई गई हत्या की आशंका के बाद मामला सीधे तौर पर समाप्त नहीं हुआ।
अब पुलिस की पांच टीमें इस सवाल का जवाब तलाश रही हैं कि 91 वर्षीय इंद्रावती मिश्रा की मौत वास्तव में हृदयाघात से हुई या इसके पीछे कोई अन्य वजह थी। पोस्टमार्टम, फॉरेंसिक जांच, हिस्टोपैथोलॉजिकल परीक्षण और बिसरा रिपोर्ट के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही इस रहस्य से पर्दा उठने की उम्मीद है।
फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और अधिकारियों का दावा है कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी वैज्ञानिक और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों का बारीकी से अध्ययन किया जाएगा।




