अंबेडकरनगर मेडिकल कॉलेज में इंसानियत की शानदार मिसाल
रक्त की कमी से जूझ रही महिला के ट्यूमर ऑपरेशन में डॉक्टर के साथ रक्तदाताओं ने भी निभाया फर्ज
समाजसेवी मुराद अली ने 46वीं बार रक्तदान कर बचाई महिला की जान
अंबेडकरनगर (रिपोर्ट:आलम खान एडिटर-मान्यता प्राप्त पत्रकार) डॉक्टर को अक्सर धरती पर भगवान का रूप कहा जाता है, लेकिन यह कहावत उस वक्त साकार होती है जब चिकित्सक इलाज के साथ-साथ मरीज की मजबूरी को भी अपना समझकर उसके साथ खड़ा हो जाए। अंबेडकरनगर मेडिकल कॉलेज की एमबीबीएस, एमएस डॉ. प्रिया सिंह ने एक गरीब महिला के ट्यूमर ऑपरेशन के दौरान ऐसा ही मानवीय चेहरा पेश किया, जिसकी जितनी सराहना की जाए कम है।
मेडिकल कॉलेज में एक गरीब महिला का ट्यूमर ऑपरेशन होना था। जांच में उसके शरीर में रक्त की मात्रा काफी कम पाई गई। ऑपरेशन के लिए रक्त की आवश्यकता थी, लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के सामने रक्त की व्यवस्था करना भी बड़ी चुनौती बन गया था।
ऐसे मुश्किल समय में डॉ. प्रिया सिंह ने आगे बढ़कर मरीज की जिम्मेदारी संभाली। उन्होंने महिला के लिए चार यूनिट रक्त की व्यवस्था नि:शुल्क कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और निजी ब्लड बैंक से जुड़ा आर्थिक भार भी स्वयं वहन किया, ताकि पैसों की कमी गरीब महिला के इलाज में बाधा न बने।
बरकत अली ने निभाया फर्ज, रक्तदान कर बढ़ाया मदद का हाथ
इस नेक कार्य में समाजसेवी बरकत अली की भूमिका भी बेहद सराहनीय रही। उन्होंने जिला अस्पताल से एक यूनिट रक्त की व्यवस्था कराकर जरूरतमंद महिला की मदद की। कठिन समय में बिना किसी स्वार्थ के आगे आकर रक्त उपलब्ध कराना उनके सामाजिक सरोकार और मानवता के प्रति समर्पण को दर्शाता है।
बरकत अली ने कहा कि जरूरतमंद मरीज के लिए रक्तदान से बड़ा कोई मानवीय कार्य नहीं है। उन्होंने डॉ. प्रिया सिंह की पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे चिकित्सकों और रक्तदाताओं की वजह से समाज में इंसानियत की उम्मीद कायम है।
मुराद अली का 46वां रक्तदान, मानवता के नाम समर्पित
वहीं समाजसेवी मुराद अली ने भी इस पुनीत कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने दो यूनिट रक्त की व्यवस्था में सहयोग किया, जिसमें एक यूनिट रक्त उन्होंने स्वयं दान किया। खास बात यह है कि मुराद अली का यह 46वां रक्तदान था।
लगातार 46वीं बार रक्तदान कर मुराद अली ने यह साबित किया कि रक्तदान केवल किसी एक व्यक्ति की मदद नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का माध्यम है। उनकी इस निरंतर सेवा भावना की जितनी प्रशंसा की जाए, कम है।
इसके अलावा सत्यम गुप्ता, बसखारी ने मेडिकल कॉलेज में एक यूनिट रक्तदान कर सहयोग किया। डॉ. प्रिया सिंह ने अपने स्टाफ अमित से भी एक यूनिट रक्तदान करवाकर मरीज के उपचार में सहयोग दिलाया। शांति राजभर ने भी एक यूनिट रक्तदान कर इस मानवीय अभियान में अपनी भागीदारी निभाई।
सफल हुआ ऑपरेशन, परिवार ने जताया आभार
रक्त की व्यवस्था होने के बाद गरीब महिला का ट्यूमर ऑपरेशन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। ऑपरेशन सफल होने के बाद महिला और उसके परिजनों ने डॉ. प्रिया सिंह सहित सभी रक्तदाताओं और सहयोग करने वाले लोगों के प्रति दिल से आभार व्यक्त किया। इस पूरे मामले ने एक बार फिर साबित किया कि जब चिकित्सकीय सेवा के साथ मानवता, संवेदना और समाजसेवा जुड़ जाती है तो मुश्किल से मुश्किल परिस्थिति भी आसान हो जाती है।
डॉ. प्रिया सिंह ने जहां गरीब मरीज के इलाज का आर्थिक भार उठाकर संवेदनशीलता की मिसाल कायम की, वहीं बरकत अली और मुराद अली जैसे समाजसेवियों ने रक्तदान के जरिए मानवता का फर्ज निभाया। विशेष रूप से मुराद अली का 46वीं बार रक्तदान करना और बरकत अली का जरूरत के समय तत्काल रक्त की व्यवस्था करना समाज के लिए प्रेरणादायी है।
ऐसे चिकित्सक, रक्तदाता और समाजसेवी वास्तव में समाज की वह ताकत हैं, जिनकी वजह से इंसानियत आज भी जिंदा है। सूचना न्यूज़ परिवार ने डॉक्टर प्रिया सिंह, समाजसेवी बरकत अली, समाजसेवी मुराद अली सहित सभी रक्तवीरों का आभार प्रकट किया है।




