अंबेडकरनगर। जिला अस्पताल के प्रसिद्ध चिकित्सक एवं अमरदीप हॉस्पिटल के संचालक डॉ. डीपी वर्मा के आकस्मिक निधन की खबर से पूरे जनपद में शोक की लहर दौड़ गई। लखनऊ के मैक्स हॉस्पिटल में इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर ने चिकित्सक समाज के साथ ही समाजसेवियों और राजनीतिक गलियारों को भी झकझोर कर रख दिया।
जानकारी के अनुसार अयोध्या जनपद के तारुन थाना क्षेत्र के ननसा गांव निवासी डॉ. डीपी वर्मा की पित्त की थैली में पथरी की शिकायत थी। करीब एक पखवाड़ा पूर्व उनका ऑपरेशन कराया गया था, जो सफल बताया गया। हालांकि चिकित्सकों ने आशंका के आधार पर बायोप्सी कराई, जिसमें कैंसर के शुरुआती लक्षण सामने आने के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए लखनऊ के मैक्स हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया।
बताया जाता है कि इलाज के दौरान उनकी हालत में कुछ समय के लिए सुधार भी हुआ, लेकिन बाद में अन्य स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां बढ़ती चली गईं। तमाम प्रयासों के बावजूद चिकित्सकों को उन्हें बचाने में सफलता नहीं मिली और इलाज के दौरान उनका निधन हो गया।
डॉ. डीपी वर्मा के निधन की खबर मिलते ही अंबेडकरनगर के चिकित्सा जगत में शोक की लहर दौड़ गई। उनके सहयोगियों, शुभचिंतकों, समाजसेवियों और राजनीतिक लोगों ने गहरा दुख व्यक्त किया।
कोरोना महामारी के भयावह दौर में डॉ. डीपी वर्मा की सेवाएं विशेष रूप से याद की जा रही हैं। जब संक्रमण के डर से लोग अस्पताल जाने से भी घबरा रहे थे, उस दौर में उन्होंने मरीजों की सेवा और चिकित्सा दायित्व को प्राथमिकता दी। कोरोना काल में उनकी सेवाओं की आज भी खूब चर्चा होती है।
जानकारी के मुताबिक डॉ. डीपी वर्मा का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव ननसा में कर दिया गया। उनके असामयिक निधन से चिकित्सा जगत ने एक अनुभवी चिकित्सक खो दिया, वहीं जनपद ने एक ऐसे चिकित्सक को खोया जिसकी सेवाएं लंबे समय तक लोगों की यादों में बनी रहेंगी।




