अम्बेडकरनगर जिले में कौशल विकास प्रशिक्षण के नाम पर महज खानापूर्ति अब नहीं चलेगी। निर्धारित लक्ष्य पूरा नहीं करने वाले प्रशिक्षण प्रदाताओं पर जिलाधिकारी ईशा प्रिया ने सख्त रुख अपनाते हुए कार्रवाई और ब्लैकलिस्ट की चेतावनी दी है। डीएम ने साफ कर दिया कि युवाओं के प्रशिक्षण और रोजगार से जुड़े इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। 
बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी की अध्यक्षता और मुख्य विकास अधिकारी आनंद कुमार शुक्ला की मौजूदगी में जिला कौशल समिति की बैठक हुई। बैठक में जिले में चल रहे कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रमों की प्रगति की बिंदुवार समीक्षा की गई। इस दौरान कई प्रशिक्षण प्रदाताओं की ओर से निर्धारित लक्ष्य पूरा किए जाने की स्थिति भी परखी गई।
लक्ष्य अधूरा तो कार्रवाई तय
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि जिन प्रशिक्षण प्रदाताओं ने निर्धारित लक्ष्य हासिल नहीं किया है, वे तय समय सीमा में लक्ष्य पूरा करें। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि लक्ष्य पूरा करने में लापरवाही करने वाले प्रशिक्षण प्रदाताओं के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए और जरूरत पड़ने पर उन्हें ब्लैकलिस्ट किया जाए।
डीएम के इस रुख से कौशल विकास कार्यक्रमों में लक्ष्य पूर्ति को लेकर जिम्मेदार एजेंसियों पर दबाव बढ़ गया है। प्रशासन का संदेश साफ है कि सरकारी योजना के नाम पर लक्ष्य अधूरा छोड़कर चलने वाली व्यवस्था को अब नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।
पावरलूम-टेक्सटाइल पर विशेष फोकस
बैठक में जिले की पहचान और स्थानीय रोजगार की संभावनाओं को देखते हुए पावरलूम एवं टेक्सटाइल सेक्टर में प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू कराने पर विशेष जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण महज कागजों तक सीमित नहीं होना चाहिए। युवाओं को उनकी रुचि, स्थानीय उद्योगों की जरूरत और रोजगार की संभावनाओं के हिसाब से ऐसा प्रशिक्षण मिले, जिससे प्रशिक्षण के बाद उन्हें नौकरी या स्वरोजगार का वास्तविक अवसर मिल सके।
11 सेक्टरों में प्रशिक्षण का खाका तैयार होगा
जिलाधिकारी ने टेक्सटाइल, अपैरल, एग्रीकल्चर, ब्यूटी एंड वेलनेस, कंस्ट्रक्शन, इलेक्ट्रॉनिक्स, पेंट एंड कोटिंग, पावर, प्लंबिंग, रिटेल तथा टूरिज्म एंड हॉस्पिटैलिटी सेक्टरों में जरूरत के अनुसार प्रशिक्षण लक्ष्य की मांग प्रस्तुत करने को कहा।
उन्होंने स्थानीय उद्योगों और रोजगार की जरूरतों का आकलन कर प्रशिक्षण कार्यक्रमों का प्रभावी नियोजन करने के निर्देश दिए, ताकि सरकारी कौशल विकास योजनाओं का लाभ वास्तव में जिले के युवाओं तक पहुंचे।
बैठक में जिला समन्वयक कौशल विकास, उपायुक्त उद्योग, जिला कृषि अधिकारी, सहायक श्रमायुक्त, निदेशक आरसेटी, एमआईएस प्रबंधक सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।




