अम्बेडकरनगर (जलालपुर)। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता, कूड़ा निस्तारण और जल निकासी की व्यवस्था को शहरी तर्ज पर विकसित करने के सरकारी दावों की पोल विकासखंड जलालपुर के ग्राम पंचायत जीवत खुर्रमअलीपुर में खुलती नजर आ रही है। यहां महीनों से गलियों में जलभराव होने के कारण ग्रामीण बदबू, गंदगी और मच्छरों के प्रकोप के बीच जीवन बिताने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव की उदासीनता तथा मनमानी के चलते जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं हो सकी है। हालात इतने खराब हैं कि स्कूल जाने वाले छोटे-छोटे बच्चों को रोजाना गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है। इससे संक्रमण और बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है।
ग्रामीणों ने कहा कि सरकार विकास के बड़े-बड़े दावे कर रही है, लेकिन धरातल पर तस्वीर बिल्कुल अलग है। उनका आरोप है कि विकास कार्यों के नाम पर लाखों रुपये खर्च दिखाए गए, जबकि गांव में मूलभूत सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हैं। लोगों का कहना है कि विकास सिर्फ सरकारी फाइलों और कागजों तक सीमित होकर रह गया है।
इस मामले में जब खंड विकास अधिकारी जलालपुर शैलेश कुमार से बात की गई तो उन्होंने कहा कि शिकायत उनके संज्ञान में आई है। उन्होंने कहा, “यदि प्रधान और सचिव सही तरीके से काम कर रहे होते तो हमारे पास शिकायत क्यों आती? अब जब शिकायत मिली है तो समस्या का समाधान कराना हमारी जिम्मेदारी है और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।”
अब ग्रामीणों की निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं। सवाल यह है कि आखिर जिम्मेदारों की लापरवाही पर कब तक पर्दा पड़ता रहेगा और गांव को जलभराव की समस्या से कब राहत मिलेगी।




