5 सितंबर की रात निकलेगी विराट शोभायात्रा, प्रशासन के सामने 17 सूत्रीय मांगें—बिजली, सफाई, यातायात से लेकर सार्वजनिक अवकाश तक की मांग
अम्बेडकरनगर (रिपोर्ट: आलम खान एडिटर) सरयू तट पर बसे ऐतिहासिक टांडा नगर में भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के साथ सदियों पुरानी श्रीकृष्ण दधिकान्दव उत्सव की परंपरा एक बार फिर भव्य रूप लेने जा रही है। इस वर्ष 4 सितंबर को श्रीकृष्ण जन्मोत्सव और 5 सितंबर की रात पारंपरिक दधिकान्दव उत्सव का आयोजन होगा। उत्सव की विराट शोभायात्रा 5 सितंबर की रात करीब नौ बजे शुरू होकर पूरी रात नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए अगले दिन सुबह समाप्त होगी।
उत्सव को लेकर श्रीकृष्ण दधिकान्दव समाज ने प्रशासन के समक्ष 17 सूत्रीय मांगपत्र रखकर स्पष्ट कर दिया है कि ऐतिहासिक आयोजन में किसी भी स्तर पर अव्यवस्था बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए। समाज ने उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए बिजली, सफाई, पेयजल, चिकित्सा, यातायात, अतिक्रमण और सुरक्षा सहित व्यापक व्यवस्थाएं तत्काल सुनिश्चित कराने की मांग की है।
चार से छह सितंबर तक निर्बाध बिजली की मांग
समाज ने मांग की है कि 4 सितंबर से 6 सितंबर तक नगर में 24 घंटे निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। प्रमुख ट्रांसफार्मरों पर विद्युत कर्मचारियों की तैनाती की जाए, ताकि उत्सव के दौरान किसी भी तकनीकी समस्या का तत्काल समाधान हो सके।
सफाई व्यवस्था पर विशेष जोर
ज्ञापन में नगर की नालियों और सार्वजनिक स्थलों की व्यापक सफाई कराने, कूड़ा हटाने तथा प्रमुख मार्गों पर चूने का छिड़काव कराने की मांग की गई है। आयोजकों का कहना है कि हजारों लोगों की भीड़ को देखते हुए सफाई व्यवस्था केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।
चौक घंटाघर और आर्य कन्या इंटर कॉलेज के सामने लगेंगे सुविधा केंद्र
उत्सव में उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए चौक घंटाघर तथा आर्य कन्या इंटर कॉलेज के सामने पेयजल के टैंकर, खोया-पाया केंद्र और चिकित्सा शिविर स्थापित करने की मांग की गई है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में लोगों को तत्काल सहायता मिल सके।
भारी वाहनों पर रोक और जर्जर मार्गों की मरम्मत की मांग
विराट शोभायात्रा के दौरान यातायात व्यवस्था को लेकर भी समाज ने प्रशासन को आगाह किया है। नगर में भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाने, सड़कों के गड्ढों को भरने, मार्गों पर लटक रहे बिजली के तारों को व्यवस्थित कराने तथा अतिक्रमण हटाने की मांग की गई है। आयोजकों का कहना है कि रातभर चलने वाली शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी रहेगी, ऐसे में यातायात और सुरक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार की चूक गंभीर समस्या पैदा कर सकती है।
नगर और तहसील क्षेत्र में सार्वजनिक अवकाश की मांग
समाज ने दधिकान्दव उत्सव के अवसर पर नगर एवं तहसील क्षेत्र में पूर्ण सार्वजनिक अवकाश घोषित किए जाने की भी मांग प्रशासन से की है, ताकि लोग परंपरागत आयोजन में निर्बाध रूप से शामिल हो सकें।
बाबा संसारी दास से जुड़ी है उत्सव की परंपरा
आयोजकों के अनुसार टांडा का श्रीकृष्ण दधिकान्दव उत्सव करीब 465 वर्ष पुरानी परंपरा है। इसकी शुरुआत बाबा संसारी दास से जुड़ी बताई जाती है। बाबा संसारी दास मौर्य समाज से संबंधित थे और जीवन के अंतिम पड़ाव में टांडा ब्लॉक क्षेत्र के शमशुद्दीनपुर में दो नहरों के किनारे जीवित समाधि ली थी।
समाज ने शमशुद्दीनपुर स्थित समाधि स्थल पर भव्य स्मारक बनाकर उसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की मांग भी प्रशासन के समक्ष रखी है। आयोजकों का तर्क है कि सदियों पुरानी इस परंपरा और उससे जुड़े ऐतिहासिक स्थलों को संरक्षित कर टांडा की सांस्कृतिक पहचान को और मजबूती दी जा सकती है।
मुख्यमंत्री से लेकर पुलिस महानिदेशक तक भेजी प्रतियां
17 सूत्रीय ज्ञापन पर श्रीकृष्ण दधिकान्दव समाज के अध्यक्ष बाबा अरुण दास, महामंत्री शम्भूनाथ शर्मा तथा शोभायात्रा अध्यक्ष आनन्द कुमार अग्रवाल के हस्ताक्षर हैं। ज्ञापन की प्रतियां मुख्यमंत्री, गृह सचिव, पुलिस महानिदेशक, पुलिस अधीक्षक सहित संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को भी सूचनार्थ भेजी गई हैं।
गैर जनपदों से आती है फोर्स
ऐतिहासिक दधिकान्दव मेला व शोभायात्रा को शांतिपूर्ण माहौल में सकुशल सम्पन्न कराने के लिए कई जनपदों से पुलिस बल आने की परंपरा है। पुलिस लाइन, क्यूआरटी बल सहित लगभग सभी थानों से पुलिस बल को टाण्डा नगर क्षेत्र में बड़ी संख्या में तैनात किया जाता है। डीएम एसपी से लेकर सभी प्रशासनिक व पुलिस अमला सतर्क रहता है तजा बिजली विभाग को भी एलर्ट मूड पर रखा जाता है।
बहरहाल अब निगाह प्रशासन की तैयारियों पर है। टांडा की करीब साढ़े चार शताब्दी पुरानी परंपरा एक बार फिर लाखों की आस्था और उत्साह का केंद्र बनने जा रही है। ऐसे में आयोजकों की 17 सूत्रीय मांगों पर प्रशासन कितनी तेजी और गंभीरता से अमल करता है, यह आने वाले दिनों में साफ होगा।




