अम्बेडकरनगर। जिले में सियासी पारा लगातार चढ़ता जा रहा है। समाजवादी पार्टी के प्रदर्शन की गूंज अभी थमी भी नहीं थी कि बुधवार को कांग्रेस ने भी राहुल गांधी की गिरफ्तारी के विरोध में जिला मुख्यालय पर बड़े धरना-प्रदर्शन का ऐलान कर दिया। हालांकि, आंदोलन शुरू होने से पहले ही पुलिस-प्रशासन ने कांग्रेस के कई प्रमुख नेताओं को उनके आवास पर ही हाउस अरेस्ट कर दिया।
जानकारी के अनुसार, AICC सदस्य एवं पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष सैय्यद मेराजुद्दीन किछौछवी, जिला कांग्रेस अध्यक्ष कृष्ण कुमार यादव, कांग्रेस नेता अमरनाथ यादव समेत कई पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने सुबह से ही उनके घरों पर रोक दिया। कई स्थानों पर पुलिस बल तैनात कर नेताओं की आवाजाही पर निगरानी रखी गई, जिससे प्रस्तावित कलेक्ट्रेट मार्च शुरू होने से पहले ही ठप पड़ गया।
हाउस अरेस्ट किए गए पूर्व जिलाध्यक्ष सैय्यद मेराजुद्दीन किछौछवी ने भाजपा सरकार पर लोकतंत्र की आवाज दबाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की गिरफ्तारी लोकतांत्रिक मूल्यों पर हमला है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा व्यवस्था और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर जवाब देने के बजाय विपक्ष की आवाज को दबाने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि जब तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते तथा नीट परीक्षा में हुई कथित अनियमितताओं के दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती, कांग्रेस का आंदोलन जारी रहेगा।
बताया जा रहा है कि कांग्रेस की ओर से बुधवार को अकबरपुर कलेक्ट्रेट पर विरोध-प्रदर्शन का आह्वान किया गया था। प्रशासन को बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के जुटने की आशंका थी, जिसके चलते एहतियातन कई नेताओं को उनके घरों में ही नजरबंद कर दिया गया।
गौरतलब है कि इससे पहले मंगलवार देर रात समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की गिरफ्तारी के विरोध में अकबरपुर, जलालपुर और आलापुर में सपा कार्यकर्ताओं ने देर रात तक धरना-प्रदर्शन और जोरदार नारेबाजी की थी। अब कांग्रेस के आंदोलन से पहले हुई हाउस अरेस्ट की कार्रवाई ने जिले की सियासत को और गर्मा दिया है।
कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन की कार्रवाई को अलोकतांत्रिक बताते हुए कहा कि शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन करना उनका संवैधानिक अधिकार है, लेकिन सरकार विपक्ष की आवाज को दबाने के लिए पुलिस का सहारा ले रही है। वहीं प्रशासन की ओर से इस कार्रवाई पर देर शाम तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया।




