WhatsApp Icon

13 साल के छात्र से दरिंदगी का आरोप! वीडियो वायरल कर धमकाया, ब्लैकमेल कर बार-बार कुकर्म का दावा; शिकायत के बाद भी FIR नहीं

Sharing Is Caring:

अम्बेडकरनगर। टांडा कोतवाली क्षेत्र से नाबालिग छात्र के साथ कथित यौन शोषण का बेहद गंभीर मामला सामने आया है। कक्षा-8 में पढ़ने वाले करीब 13 वर्षीय छात्र के पिता ने कुछ युवकों पर बेटे को डराने-धमकाने, आपत्तिजनक वीडियो बनाने और उसे वायरल करने की धमकी देकर बार-बार अप्राकृतिक यौन कृत्य करने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित पिता का कहना है कि शिकायत के बावजूद अब तक FIR दर्ज नहीं हुई, जिससे पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

पीड़ित के पिता के मुताबिक उनका बेटा पिछले कुछ दिनों से गुमसुम, उदास और सहमा हुआ रहने लगा था। पूछने पर वह कुछ बताने को तैयार नहीं था। इसी बीच 9 अगस्त 2026 को पिता ने सोशल मीडिया पर एक वायरल वीडियो देखा, जिसमें उनके नाबालिग बेटे के साथ आपत्तिजनक कृत्य किए जाने का दावा है। वीडियो देखकर पिता के होश उड़ गए।

इसके बाद पिता ने बेटे को भरोसे में लेकर जानकारी ली। आरोप है कि बच्चे ने बताया कि उसे वीडियो वायरल करने की धमकी देकर कई युवकों द्वारा लगातार डराया-धमकाया जाता रहा और उसके साथ बार-बार अप्राकृतिक यौन कृत्य किया गया। पिता ने अपनी शिकायत में अरशद पुत्र महबूब आलम, तफसीर पुत्र इब्नुल हसन, जाने आलम पुत्र मेराज उर्फ ईदू, सादान पुत्र गुड्डू और अबू हमजा पुत्र नूरूल हसन, निवासी सकरावल पूरब, कोतवाली टांडा, के नाम बताए हैं।

12 अगस्त को दी शिकायत, कार्रवाई पर सवाल

पीड़ित पिता का कहना है कि उन्होंने 12 अगस्त को टांडा कोतवाली में लिखित शिकायत देकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। उनका दावा है कि शिकायत के बाद पुलिस ने कथित आरोपियों को थाने पर बैठाया भी था, लेकिन 14 अगस्त की रात उन्हें छोड़ दिया गया।

पिता के अनुसार इसके बाद उन्होंने दोबारा प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की, लेकिन उन्हें अभी तक केवल आश्वासन दिया जा रहा है। उनका आरोप है कि इतने गंभीर और नाबालिग से जुड़े मामले में भी प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है।

वीडियो बना हथियार, धमकी देकर शोषण का आरोप

पीड़ित परिवार का आरोप है कि कथित आपत्तिजनक वीडियो को बच्चे को डराने और चुप कराने के लिए इस्तेमाल किया गया। वीडियो वायरल करने की धमकी देकर बच्चे पर दबाव बनाया गया और इसी भय का फायदा उठाकर उसके साथ बार-बार यौन शोषण किए जाने का दावा किया गया है। मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि आरोप एक 13 वर्षीय नाबालिग से जुड़ा है। ऐसे में बच्चे की सुरक्षा, उसकी काउंसलिंग, कथित वीडियो की फॉरेंसिक जांच और आरोपों की निष्पक्ष जांच बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है।

पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल

पीड़ित पिता का कहना है कि यदि शिकायत के बाद आरोपियों को थाने बुलाया गया था तो फिर उन्हें कथित तौर पर छोड़ने का आधार क्या था? प्राथमिकी दर्ज करने में देरी क्यों हुई? कथित वीडियो की जांच किस स्तर पर पहुंची? इन सवालों का जवाब पीड़ित परिवार चाहता है। परिवार ने उच्चाधिकारियों से मामले में तत्काल FIR दर्ज कराने, आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने, कथित वीडियो के प्रसार की जांच करने तथा नाबालिग की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है। जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी। नाबालिग की पहचान कानूनन संरक्षित होने के कारण खबर में उसकी पहचान से संबंधित कोई निजी विवरण प्रकाशित नहीं किया गया है।

अन्य खबर

राष्ट्रीय लोक अदालत में 1.41 लाख से अधिक वादों का निस्तारण, करोड़ों के विवाद सुलझे

82 लाख के जगदेव बाबा सद्भावना हाल का भव्य लोकार्पण, गरीब परिवारों को मिलेगी बड़ी राहत

हज यात्रियों की ECG जांच में महिलाओं की निजता पर सवाल! पुरुष टेक्नीशियन के सामने कपड़े हटाने की मजबूरी, शिकायत पर CMS ने तुरंत लिया संज्ञान

error: Content is protected !!