टाण्डा विधायक राममूर्ति वर्मा ने साफ कहा कि बुनकरों के कनेक्शन काटकर कथित वसूली का खेल बंद करो, नहीं तो होगा बड़ा आंदोलन!
अम्बेडकरनगर: टाण्डा नगर में बिजली विभाग की कार्रवाई को लेकर आम उपभोक्ताओं और विशेषकर पावरलूम संचालकों में भारी आक्रोश व्याप्त है। विभागीय टीमों पर विभिन्न मोहल्लों में अचानक पहुंचकर एक साथ दर्जनों बिजली कनेक्शन काटने और इसके बाद उपभोक्ताओं को भयभीत कर अवैध धन की मांग करने जैसे गंभीर आरोप लग रहे हैं। लगातार हो रही इस कार्रवाई ने बुनकर नगरी टाण्डा में बिजली विभाग की कार्यशैली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
अलीगंज और सिकंदराबाद के बाद रविवार को बिजली विभाग की टीम सकरावल पहुंची तो वहां उपभोक्ताओं का आक्रोश फूट पड़ा और लोगों ने जमकर विरोध किया तथा वहीं दरी बिछाया कर धरने पर वैठ गए। शिकायत मिलने पर मौके पर पहुंचे टाण्डा विधायक राममूर्ति वर्मा ने बिजली विभाग को दो टूक चेतावनी देते हुए कहा कि पावरलूम उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटकर कथित अवैध वसूली और फिर कनेक्शन जोड़ने का गोरखधंधा किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उपभोक्ताओं का आरोप है कि मामूली तौर पर एक-दो महीने का बिजली बिल बकाया होने पर भी कनेक्शन काट दिए जाते हैं। इसके बाद कनेक्शन बहाल कराने के नाम पर कथित रूप से अवैध धन की मांग की जाती है। लोगों का कहना है कि कारोबार ठप होने और लाखों रुपये के नुकसान के डर से कई बुनकर मजबूरी में खामोश रहते हैं।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस टाण्डा के कपड़ा उद्योग को सरकार ने ‘एक जनपद एक उत्पाद’ योजना के तहत विशेष पहचान दी है और कपड़ा बुनाई उद्योग को बढ़ावा देने के लिए लगातार योजनाएं संचालित की जा रही हैं, वहीं बिजली विभाग की कथित कार्रवाई से बुनकरों का कारोबार संकट में पड़ने का आरोप लग रहा है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि टाण्डा में एक नया कथित ट्रेंड चल पड़ा है—पहले कनेक्शन काटो, फिर उपभोक्ता को डराओ और दबाव बनाकर वसूली करो! आरोप है कि यदि कोई उपभोक्ता कथित अवैध धन देने से इनकार करता है तो उसके खिलाफ भारी-भरकम और लाखों रुपये की नोटिस थमाकर दबाव बनाया जाता है।
शनिवार को सिकंदराबाद में भी बिजली कर्मचारियों और उपभोक्ताओं के बीच विवाद की स्थिति बनी थी। इससे पहले अलीगंज में भी विभागीय कार्रवाई के विरोध में उपभोक्ताओं का आक्रोश सामने आया था। उस दौरान टाण्डा विधायक राममूर्ति वर्मा मौके पर पहुंचे और धरना शुरू कर दिया था, जिसके बाद विभाग ने आनन-फानन में कटे हुए कनेक्शन जोड़ दिए थे।
रविवार को सकरावल में विधायक राममूर्ति वर्मा के साथ सपा विधानसभा संदीप यादव, अध्यक्ष सपा नगर अध्यक्ष सैयद कसीम अशरफ, मुशीर आलम अंसारी, जिया अंसारी, जफर हयात अंसारी, जमाल अंसारी, शकील अहमद, इसरार अहमद सहित अन्य लोग भी मौजूद रहे।
अब लगातार अलीगंज, सिकंदराबाद और सकरावल में सामने आ रहे विरोध के बाद बड़ा सवाल यह है कि आखिर टाण्डा के बुनकरों के बिजली कनेक्शन काटने की यह कार्रवाई वास्तव में बकाया वसूली है या इसके पीछे कथित अवैध कमाई का कोई खेल चल रहा है? टाण्डा में इस नए ट्रेंड के पीछे का असली मास्टरमाइंड आखिर कौन है! उपभोक्ताओं ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।




