अम्बेडकरनगर: बसखारी थाना क्षेत्र के डोंडा एदिलपुर में गुरुवार देर शाम बिजली विभाग की कथित लापरवाही ने एक परिवार का चिराग बुझा दिया। घर से महज करीब 200 मीटर दूर नहर किनारे बकरी चरा रहे 14 वर्षीय अंश पुत्र सत्यदेव की सीमेंट के खंभे के पास करंट की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई। हादसे में 12 वर्षीय प्रिंस पुत्र रामकीरत भी झुलस गया, जिसका निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है।
बताया जाता है कि देर शाम चार-पांच बच्चे नहर किनारे बकरी चरा रहे थे। इसी दौरान सीमेंट के खंभे के पास पहुंचते ही अंश और प्रिंस करंट की चपेट में आ गए। अंश की मौत हो गई, जबकि प्रिंस को गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस जगह पर बच्चों की आवाजाही थी, वहां बिजली के खंभे के पास करंट कैसे उतर गया? यदि विद्युत व्यवस्था में कोई तकनीकी खामी थी तो उसे समय रहते ठीक क्यों नहीं कराया गया? ग्रामीणों का आरोप है कि बिजली विभाग की लापरवाही ने एक मासूम की जान ले ली और दूसरे बच्चे को अस्पताल पहुंचा दिया।
अंश तीन भाइयों और दो बहनों के बीच था। घर से महज 200 मीटर की दूरी पर हुई इस दर्दनाक घटना ने परिवार को झकझोर दिया है। बेटे की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया।
हादसे के बाद ग्रामीणों में बिजली विभाग के खिलाफ नाराजगी है। लोगों का कहना है कि यदि विद्युत व्यवस्था की समय रहते जांच और मरम्मत कर दी जाती तो शायद यह हादसा टाला जा सकता था। अब सवाल सिर्फ अंश की मौत का नहीं, बल्कि बिजली विभाग की जिम्मेदारी और लापरवाही तय करने का भी है।




