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जाम के झाम में फंसा बसखारी चौराहा, प्राइवेट बसों की चांदी, पीआरडी के भरोसे यातायात व्यवस्था

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अम्बेडकरनगर: विश्व विख्यात सूफी सैय्यद मखदूम अशरफ सिमनानी की दरगाह किछौछा शरीफ पर प्रतिदिन हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ आती जाती रहती है तथा प्रसिद्ध ब्रह्मस्थान बाबा कमला पंडित धाम पर भी प्रतिदिन काफी भीड़ होती है। धार्मिक स्थलों पर आने जाने वालों को बसखारी मुख्य चौराहा से होलार गुजरना पड़ता है लेकिन बसखारी का मुख्य चौराहा जाम के झाम में फंसा हुआ नजर आता है। जाम का मुख्य कारण प्राइवेट बसों व अन्य वाहनों की मनमानी के कारण लगता है जिसका खामियाजा श्रद्धालुओं सहित स्थानीय लोगों को भी भुगतना पड़ रहा है और उक्त जाम के झाम में एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड व स्कूली वाहन भी फंसे नज़र आते हैं, जिससे राहगीरों व स्थानीय लोगों में काफी आक्रोश व्याप्त है।


बसखारी चौराहा पर पूर्व में यातायात को सुचारू रूप से संचालित करने के उद्देश्य से ट्राफिक पुलिस सहित स्थानीय थाना की पुलिस भी तैनात रहती थी जिससे प्राइवेट बस संचालकों में दहशत होती थी और चौराहा पर बसों को नहीं खड़ा करते थे जिससे कारण जाम से थोड़ी राहत मिलती थी लेकिन गत काफी दिनों से बसखारी चौराहा को जाम से निजात दिलाने की जिम्मेदारी पीआरडी जवानों पर छोड़ दी गई है जिसके कारण प्राइवेट वाहन संचालकों द्वारा मनमाने ढंग से बेतरतीब वाहनों को खड़ा कर दिया जाता है और पूरा चौराहा घंटों जाम में फंस जाता है जिसका खामियाजा स्थानीय लोगों सहित दुकानदारों व राहगीरों को भुगतना पड़ता है।
ज्ञात रहे चंद दिन पूर्व महाकुम्भ यात्रियों की बस चालक को इसी चौराहा पर ज़बरन बन्दी बनजे लिया गया था जिसकी खबर प्रसारित होने के बाद स्थानीय पुलिस ने सजगता दिखाई थी और दो चार दिनों तक चौराहा पर सख्ती नजर आई लेकिन पुनः बसखारी चौराहा अवस्थाओं का बोलबाला हो गया है और प्राइवेट वाहनों की मनमानी के कारण पूरा चौराहा जाम में फंसा रहता है।

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