अम्बेडकरनगर: घाघरा/सरयू नदी के बढ़े जलस्तर को लेकर जिलाधिकारी श्रीमती ईशा प्रिया ने जिलेवासियों को सतर्क करते हुए साफ कहा है कि नदी, जलभराव और तेज बहाव वाले इलाकों में किसी भी तरह की लापरवाही भारी पड़ सकती है।
टांडा पम्प नहर, महरीपुर में 21 अगस्त की सुबह 8 बजे घाघरा का जलस्तर 85.52 मीटर दर्ज किया गया, जबकि खतरे का निशान 85.56 मीटर है। यानी नदी खतरे के निशान से सिर्फ 4 सेंटीमीटर नीचे है।
डीएम ईशा प्रिया की अपील—सावधान रहें, अफवाहों पर नहीं प्रशासन की सूचना पर करें भरोसा
जिलाधिकारी ने नदी किनारे और जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से बचने की अपील की है। उन्होंने बच्चों और बुजुर्गों को ऐसे स्थानों से दूर रखने तथा जलभराव की स्थिति में खुले बिजली तारों और विद्युत उपकरणों से दूरी बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।
डीएम ने कहा कि प्रशासन नदी के जलस्तर और संभावित बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। किसी भी आपात स्थिति में घबराने के बजाय तत्काल स्थानीय प्रशासन को सूचना दें। उन्होंने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और प्रशासन द्वारा जारी अधिकृत सूचनाओं पर ही भरोसा करने की अपील की।
डीएम ने साफ संदेश दिया है—खतरा टला नहीं है, इसलिए सतर्कता में जरा भी ढिलाई न बरतें और प्रशासन के निर्देशों का पूरी तरह पालन करें।




