बरेली (रिपोर्ट: कुनाल आर्य सोना) विश्व मात्स्यिकी दिवस के अवसर पर रविवार को कृषि विज्ञान केन्द्र के सभागार में मत्स्य विभाग द्वारा एक वृहद गोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों के मत्स्य कृषकों, मत्स्य व्यवसायी, मत्स्य बीज विक्रेता आदि द्वारा प्रतिभाग किया गया।
कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य कैम्प के माध्यम से ज्यादा से ज्यादा मत्स्य व्यवसायियों को केसीसी से आच्छादित करना था। कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केन्द्र के अध्यक्ष ब्रजपाल सिंह, एलडीएम मदन मोहन शर्मा, उप निदेशक मत्स्य, श्रीमती सृष्टि यादव, अपर सांख्य अधिकारी सोमपाल गंगवार, सहायक निदेषक मत्स्य,बरेली डॉ. विभा लोहनी के अतिरिक्त आईवीआरआई के वैज्ञानिक रंजीत सिंह एवं दुर्गा दत्त शर्मा ने लाभार्थियों को मत्स्य पालन के साथ साथ अन्य योजनाओं एवं एलडीएम द्वारा केसीसी में बैंकों द्वारा आ रही परेशानियों के बारे में चर्चा की एवं उनके निस्तारण हेतु उपाय बताये।
​कार्यक्रम में प्रधान मंत्री मत्स्य सम्पदा योजना अन्तर्गत विभिन्न परियोजनाओं में चयनित लाभार्थियों को कार्य प्रारम्भ करने का कार्यालय आदेश एवं जनपद की तीन उत्कृष्ट मत्स्य पालकों को शॉल देकर प्रषस्ति पत्र प्रदान किया गया।
​कार्यक्रम में मौके पर ही केसीसी के पात्र व्यक्तियों के आवेदन कराये गये। इसके साथ ही मत्स्य निरीक्षक श्री अमित कुमार शुक्ला ने मत्स्य विभाग द्वारा चलायी जा रही एक प्रमुख योजना इन्टरप्रोन्योरशिप माडल पर विस्तार से चर्चा की तथा मत्स्य कृशकों के संगठन एफएफपीओ पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के अन्त में सहायक निदेशक मत्स्य,बरेली डा.विभा लोहनी द्वारा सभी का आभार प्रकट किया गया।