अम्बेडकरनगर। दहियावर क्षेत्र में बुधवार, 19 अगस्त को जुलूस-ए-अमारी का ऐतिहासिक आयोजन किया जाएगा। जुलूस को लेकर आयोजकों की ओर से तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अकीदतमंदों के साथ विभिन्न स्थानों से उलेमा, जाकिरीन और मातमी अंजुमनों के पहुंचने की उम्मीद है। आयोजन को लेकर क्षेत्र में धार्मिक माहौल बना हुआ है। 
जानकारी के अनुसार जुलूस-ए-अमारी का आयोजन टांडा अकबरपुर मार्ग पर सूरापुर के निकट स्थित दहियावर में किया जाएगा। कार्यक्रम में देश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले धार्मिक विद्वानों और अंजुमनों की शिरकत प्रस्तावित है। आयोजकों ने अकीदतमंदों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की है।
कई प्रमुख उलेमा करेंगे खिताब
कार्यक्रम में वसी हसन खां साहब, सैयद नजीबुल हसन, डॉ. सैयद कल्बे रुशैद रिजवी कुम्मी, सैयद जमी़र अब्बास जाफरी और डॉ. यासूब अब्बास समेत कई प्रमुख उलेमा की मौजूदगी और खिताब का उल्लेख पोस्टर में किया गया है। इसके अलावा सैयद मुहम्मद हुसैन जैदी और मुहम्मद तमीज जैदी सहित अन्य धार्मिक हस्तियों के नाम भी कार्यक्रम से जुड़े हैं।
कई अंजुमनों की रहेगी मौजूदगी
जुलूस में विभिन्न मातमी अंजुमनों की शिरकत भी प्रस्तावित है। पोस्टर में अंजुमन अब्बासिया रजि., अंजुमन दस्त-ए-मासूमिया, अंजुमन हैदरिया, अंजुमन शाने हैदरी, अंजुमन आबिदिया, अंजुमन सफाए शब्बीर, अंजुमन अशगरिया और अंजुमन अहलेबैत समेत कई अंजुमनों के नाम दर्ज हैं।
आयोजकों के मुताबिक जुलूस में अंजुमनों की शिरकत के साथ धार्मिक कार्यक्रम और मातमी गतिविधियां होंगी। बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की संभावना को देखते हुए आयोजन स्थल पर व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।लाइव स्ट्रीमिंग से भी जुड़ सकेंगे लोग
दूर-दराज के अकीदतमंदों को कार्यक्रम से जोड़ने के लिए जुलूस और कार्यक्रम की लाइव स्ट्रीमिंग की व्यवस्था भी की गई है। पोस्टर में इसकी जानकारी देते हुए लोगों को कार्यक्रम से ऑनलाइन जुड़ने की अपील की गई है।
सुबह निकलेगा जुलूस
कार्यक्रम के पोस्टर में समय को लेकर अलग-अलग उल्लेख दिखाई देता है। मुख्य हिस्से में सुबह 6 बजे का समय दर्ज है, जबकि कार्यक्रम विवरण वाले हिस्से में सुबह 9 बजे का उल्लेख किया गया है। ऐसे में अकीदतमंदों के लिए आयोजन समिति से अंतिम समय की पुष्टि करना उचित होगा। जुलूस-ए-अमारी को लेकर दहियावर और आसपास के क्षेत्रों में तैयारियां तेज हैं। आयोजकों को उम्मीद है कि बड़ी संख्या में अकीदतमंद कार्यक्रम में पहुंचेंगे। वहीं, भीड़ को देखते हुए स्थानीय स्तर पर आवागमन और अन्य व्यवस्थाओं पर भी विशेष ध्यान दिए जाने की आवश्यकता रहेगी।




