अम्बेडकरनगर: धार्मिक आयोजनों में बढ़ती फिजूलखर्ची के बीच फैजाने हक्कानी फाउंडेशन ने समाज के सामने एक नई मिसाल पेश करते हुए मात्र 5100 रुपये में जलसे के आयोजन की शुरुआत की है। टाण्डा नगर क्षेत्र के सकरवाल पूरब बाग स्थित रौजाये बाग कमेटी द्वारा आयोजित पहला “सस्ता जलसा” सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में उलेमा, मस्जिदों के इमाम, अधिवक्ता और संभ्रांत लोग शामिल हुए।
कार्यक्रम के अंतर्गत समाज सुधार एवं शिक्षा जनजागरूकता कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मौलाना कारी सबीहुल हसनैन कादरी ने की, जबकि मुख्य वक्ता के रूप में मौलाना आफताब आलम बरकाती ने लोगों को शिक्षा, सामाजिक सुधार और धार्मिक आयोजनों में सादगी अपनाने का संदेश दिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में अब्दुल माबूद एडवोकेट मौजूद रहे।
फाउंडेशन से जुड़े कारी जमाल अशरफ निजामी ने कहा कि जलसों में होने वाले भारी भरकम खर्च को कम करना और समाज को सादगी की ओर ले जाना इस पहल का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने बताया कि फैजाने हक्कानी फाउंडेशन की ओर से टेंट, स्टेज, कुर्सी, माइक, लाइट और नात ख्वाह व मौलाना तक की पूरी व्यवस्था केवल 5100 रुपये में उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि इस पहल के लिए दो महत्वपूर्ण शर्तें रखी गई हैं। पहली शर्त यह है कि हर जलसे में समाज सुधार और शिक्षा से जुड़े जनजागरूकता कार्यक्रम शामिल किए जाएंगे, जबकि दूसरी शर्त के अनुसार रात 12:30 बजे तक सलातो सलाम के साथ कार्यक्रम समाप्त करना अनिवार्य होगा। संस्था का उद्देश्य पूरी रात चलने वाले आयोजनों पर रोक लगाकर लोगों को अनुशासित और सकारात्मक माहौल देना है।
बताते चलें कि फैजाने हक्कानी फाउंडेशन इससे पहले भी ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर डीजे संस्कृति के खिलाफ आवाज उठाकर चर्चा में रही है। संस्था लगातार बिना डीजे वाली अंजुमनों को सम्मानित करती रही है और अब जलसों में होने वाले अत्यधिक खर्च को कम करने की दिशा में यह नई पहल शुरू की गई है। स्थानीय लोगों ने फाउंडेशन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे गरीब और मध्यम वर्ग के लोग भी आसानी से धार्मिक कार्यक्रम आयोजित कर सकेंगे तथा समाज में शिक्षा, सादगी और सुधार का संदेश मजबूत होगा।
सकरावल पूरब बाग में आयोजित मात्र 5100 रुपये वाले पहले समाज सुधार व शिक्षा जनजागरूकता कार्यक्रम की अध्यक्षता मौलाना कारी सबीहुल हसनैन कादरी ने किया जिसमें मुख्य वक्ता के रूप में अल्लामा मौलाना आफताब आलम बरकाती प्रिसिंपल मदरसा फैज़ुल उलूम व प्रसिद्ध नातख्वाह हेलाल टाण्डा, मुख्य अतिथि अब्दुल माबूद एडवोकेट सहित बड़ी संख्या में मस्जिद इमाम, अधिवक्ता, संभ्रांत लोग मौजूद रहे।






