कोरोना संकट के समय लोगों की सांस की डोर बने राम प्यारे विश्वकर्मा को युवान फाउंडेशन सदस्यों ने किया सम्मानित

क्षेत्रीय ऑक्सीजन मैन है राम प्यारे विश्वकर्मा-डॉ0 जे0के0 वर्मा

कोरोनाकाल के हीरो है राम प्यारे विश्वकर्मा-डॉ. आसिफ अख्तर

अम्बेडकरनगर से आलम खान की विशेष रिपोर्ट

देश हमें देता है सब कुछ,
हम भी तो कुछ देना सीखें।
औरों का भी हित हो जिसमें,
हम ऐसा कुछ करना सीखें ॥

कुछ इसी तरह के जज्बे के साथ कोरोना की दूसरी लहर में ऑक्सीजन के संकट के दौरान पांच सौ से अधिक गरीबों को निःशुल्क ऑक्सीजन उपलब्ध कराकर देवदूत बने रामप्यारे विश्वकर्मा आज लोगों के आदरणीय बन गए हैं। टूटती सांसो के डोर बने श्री विश्वकर्मा को आज युवान फाउंडेशन ने सम्मानित किया।
कोरोनाकाल के दौरान आस-पास के आधा दर्जन जनपदों में कोरोना से संघर्ष कर रहे मरीजों की सांस की डोर बने राम प्यारे विश्वकर्मा ने कोविड संकट के समय मरीजों के लिए दिल खोलकर ऑक्सीजन की सेवा प्रदान कर उनकी थमती सांसों को जोड़कर उन्हें नया जीवन दिया। जिसे जनपद के अग्रणी सामाजिक संगठन युवान फाउंडेशन ने पहचाना और आज जनपद के यूथ आइकॉन एवं विवेकानंद यूथ अवार्ड विजेता प्रवीण गुप्ता के नेतृत्व में फाउंडेशन के कार्यकर्ताओं ने राम प्यारे के कार्यालय पहुंचकर अंगवस्त्र, संपादित कार्यों की छायाप्रति एवं सम्मानपत्रक प्रदान कर सम्मानित किया।


सम्मान कार्यक्रम की अगुवाई करते हुए डॉ0 जे0के0 वर्मा एवं डॉ0 आशिफ अख्तर ने युवान फाउंडेशन के प्रयासों की सराहना की। महामंत्री अभिनव वर्मा ने राम प्यारे विश्वकर्मा द्वारा संकटकाल में मानवहित में किए गए कार्यों की सराहना की।
इससे पूर्व ऑक्सीजन के महत्व को समझाने के लिए ऑक्सीजन प्लांट परिसर में प्रतीकात्मक रूप से 3 नीम के पौधों का रोपण भी किया गया।
सम्मान समारोह का संचालन करते हुए रामदेव जनता इंटर कालेज के पूर्व प्रधानाचार्य निर प्रसाद शर्मा ने विश्वकर्मा ऑक्सीजन प्लांट के बारे में विधिवत प्रकाश डाला।
इस अवसर पर मुख्य रूप से ऑक्सीजन प्लांट के मैनेजर प्रभात सिंह, जफर, अश्विनी वर्मा, आशाराम वर्मा आदि दर्ज़नों लोग उपस्थित रहे।