अम्बेडकरनगर: बहुजन समाज पार्टी के कद्दावर दो नेताओं को पार्टी से निष्काषित करने पर जनपद के राजनीतिक व सामाजिक लोगों ने जमकर प्रतिक्रियाएं दिया हालांकि बसपा के पदाधिकारियों ने किसी भी तरह की टिपणी करने से साफ इनकार कर दिया।
बताते चलेंकि कटेहरी विधायक व नेता विधान परिषद लालजी वर्मा तथा अकबरपुर के विधायक राम अचल राजभर को बहुजन समाज पार्टी ने गुरुवार को पार्टी से निष्काषित कर दिया। दोनों कद्दावर नेताओं पर पार्टी के खिलाफ कार्य करने का आरोप लगाया गया है। पार्टी से निष्कासन की खबर ने हर किसी को आश्चर्यचकित कर दिया जिस पर राजनीतिक व सामाजिक लोगों ने जमकर अपनी प्रतिक्रियाएं दिया।

बसपा से निष्काषित कटेहरी विधायक लालजी वर्मा ने कहा कि “कुछ लोगों और कुछ मीडिया द्वारा यह प्रचार किया जा रहा है कि मैं किसी अन्य पार्टी के नेता से मिला या सम्पर्क में था, पूरी तरह से गलत है, मैं लगभग 25 वर्षों से बसपा मे रहकर बहन जी के निर्देश पर जो भी जिम्मेदारी मिली एक निष्ठावान कार्यकर्ता के रुप में कार्य करता रहा कभी भी किसी अन्य पार्टी के नेता से न मिला न हीं किसी भी तरह से संपर्क किया, परन्तु इस तरह गलत प्रचार करके मेरी छवि को धूमिल ही किया जा रहा है यह कार्य वे लोग कर रहे हैं जो अन्य पार्टी मे जाकर चुनाव भी लड़ चुके हैं मैं आज भी किसी अन्य पार्टी के नेता से सम्पर्क मे नहीं हूँ, हाँ आदरणीया बहन जी से पूरे तथ्य से अवगत कराने का प्रयास कर रहा हूँ जिन लोगों के पास अन्य पार्टी के नेता से मिलने का कोई सबूत दिखा दे तो मैं राजनीत से सन्यास ले लूंगा।”

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भारतीय जनता पार्टी के मीडिया प्रभारी बाल्मीकि उपाध्याय ने कहा कि “बहुजन समाज पार्टी के कद्दावर नेता राम अचल राजभर जी और लालजी वर्मा जी का बहुजन समाज पार्टी से निष्कासन पार्टी की निरन्तर घट रहे जनाधार और पार्टी के अन्दर मचे घमासान का परिणाम है।यह निष्कासन बसपा सुप्रीमो मायावती जी का हिटलरशाही प्रवृत्ति और घट रहे जनाधार की खीझ को प्रदर्शित करता है। दोनों नेताओं का निष्कासन कोई अप्रत्याशित घटना नहीं है। यह बसपा के लिए सामान्य बात है। निष्कासन से भाजपा को अंबेडकर नगर में फायदा होगा।”

काफी तेजी से लोकप्रिय हुई भीम आर्मी के फैज़ाबाद मंडल अध्यक्ष निखिल राव ने तो दोनों कद्दावर नेताओं के लिए आज़ाद समाज पार्टी में शामिल होने का ऑफर भी दे दिया। श्री निखिल ने कहा कि “मान्यवर साहब कांशीराम के समय से अम्बेडकर नगर जिले से बहुजन मोमेंट को आज़ तक मजबूती प्रदान करने वाले आप दोनों नेताओ को पार्टी से निष्कासन बहुत ही दुःखद है लेकिन मान्यवर साहब के सपनों को पूरा करने के लिए भीम आर्मी आजाद समाज पार्टी का गठन किया गया आप दोनों नेताओ को निखिल राव और बड़े भाई चन्द्रशेखर आजाद जी की तरफ से भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी मे दरवाजे हमेशा खुले हैं।”

समाजवादी पार्टी के जिलामहासचिव मुजीब अहमद सोनू ने बसपा पर निशाना साधते हुए कहा कि ” ये बसपा के अंदरूनी मामले हैं जो पंचायत चुनाव में ही नहीं हर चुनाव में टिकट बटवारे में रुपये के लेन देन को लेकर झगड़ा होता रहता है। जनपद में समाजवादी पार्टी पहले से मजबूत रही है और आने वाले 2022 में माननीय अखिलेश यादव जी को मुख्यमंत्री बनाने में अम्बेडकर नगर की जनता पांचों विधानसभा में सपा को जिताने का काम करेगी।”

वरिष्ठ समाजसेवी धर्मवीर सिंह बग्गा ने दोनों नेताओं के निष्काशन पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि ‘इतने बड़े व फाउंडर नेताओं को पार्टी से निष्काशन करने से पहले कम से कम स्पष्टीकरण तो मांगना ही चाहिए था। जिससे वो लोग अपने यूजर लगे आरोपों पर सफाई दी सकते। इस तरह की कार्यवाही लोकतंत्र का गला घोंटने जैसा है।”

प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष व टाण्डा अधिवक्ता संघ के पूर्व वरिष्ठ उपाध्यक्ष मोहम्मद शाहिद एडवोकेट ने अपनी प्रतिक्रिया प्रकट करते हुए कहा कि “बसपा द्वारा श्री लालजी वर्मा और श्री राम अचल राजभर जी का पार्टी से निष्कासन आतमघाती कदम है। इनके निष्कासन के बाद बसपा लगभग खत्म हो चुकी है।ये दोनों नेता अपना व्यापक जनाधार रखते है।आने वाले समय मैं उत्तर प्रदेश की राजनीति मे इस घटना का व्यापक प्रभाव देखने को मिलेगा।क्योंकि दोनों के अंदर जबरदस्त सांगठनिक छमता है। ये जिस भी दल मैं जायेगे उस दल को फायदा ज़रूर मिलेगा। अम्बेडकर नगर खासतौर से टाण्डा विधान सभा मे मेडिकल कॉलेज की स्थापना श्री लालजी वर्मा का व्यक्तिगत प्रयास का नतीजा है।”

नगर पंचायत अशरफपुर किछौछा के अध्यक्ष पति व सपा के कद्दावर नेता सैयद गौस अशरफ “मायावती जी को यह आभास हो गया था कि यह दोनों बसपा नेता पार्टी छोड़कर जानेवाले है यह दोनों नेता कोई फैसला लेते उस से पहले मायावती जी ने अपना फैसला सुना दिया यह दोनो नेता अच्छी तरह से जानते थे कि बसपा डूबता हुआ जहाज है इस लिए बसपा मे यह नही रहने वाले थे पूर्व में भी कई बार यह खबर सुनने में रही है कि लालजी वर्मा बसपा छोड रहे है अब इस फैसले से पूर्व की खबर को प्रमाणिकता मिल गई है बसपा मे कोई वसूल अब रहा नही मायावती जी ने बहुत दिनों तक कांशीराम जी की बनाई जमीन मे खेती किया मगर उस खेत खाद पानी से दूर रखा अब बंजर का रूप धारण कर लिया है बसपा जो वसूलो सिद्धांतो जानी जाती थी मायावती ने इस की पहचान वसूली से बना दिया है इस लिए अब बसपा का पतन हो रहा है।”

ऑल इंडिया मजलिसे इत्तेहादुल मुस्लेमीन के जिलाध्यक्ष व गाज़ी फाउंडेशन के फाउंडर अध्यक्ष मुराद अली ने कहा कि “लालजी वर्मा व राम अचल राजभर के साथ जो हुआ बहुत गलत हुआ। पूरे तरीके से बहन कुमारी मायावती जी तानाशाही चला रही हैं जिससे बहुजन समाजवादी पार्टी का वजूद अब पूरी तरीके से खत्म होने के कगार पर है।”

आज़ाद समाज पार्टी के फाउंडर सदस्य अब्बास गाज़ी ने कहा कि “बहुजन समाज पार्टी काशीराम जी के विचार धारा से भटक चुकी है ! और न ही बाबा साहब के बताए हुए मार्ग पर है !
अम्बेकरनगर के जिन नेताओं को मायावती ने निष्कासित किया, वो नेता काशीराम जी के जमाने से बहुजन समाज पार्टी में थे , जिस जिले को बसपा अपनी गढ़ मानती थी 2022 के चुनाव बसपा को इसका असर बखूबी देखने को मिलेगा । सच तो ये है बसपा मुखिया को काशीराम और अम्बेकर जी की विचार धारा रास नही आती है !
बहुजन विचार धारा के लोग अब ये समझ गए है की बहुजन सोच के मार्ग पर सिर्फ चन्द्र शेखर रावण जी है जिसका रिज़ल्ट 2022 में आएगा।”

एबीएमवीएस जिलाध्यक्ष व भाजपा के पूर्व मंडल मंत्री ओमकार गुप्ता ने तो दोनों नेताओं को राजनीतिक संयास लेने की सलाह दे डाली और कहा कि “जब बसपा सुप्रीमो मायावती जी ने दोनों कद्दावर नेताओ को पार्टी से निकाल दिया है तो इनको राजनीतिक संन्यास ले लेना चाहिए जिससे युवाओ को मौका मिल सके।”

दुबई में रह रहे टाण्डा के सामाजिक कार्यकर्ता नवाज़ टाण्डवी उर्फ थापा ने लिखा कि “बसपा के इस फैसले से अम्बेडकर नगर में पार्टी खत्म हो जाने का पूरा इमकान है।” समाजसेवी अरशद सिद्दीकी में कहा कि “मायावती ने अब अपने आपको भाजपा के हाथो बेच दिया है सतीश मिश्रा भाजपा का आदमी है वो पार्टी का वजूद खत्म करने के लिए काम कर रहा है और अपने मकसद में कामयाब हो रहा है।”

सामाजिक कार्यकर्ता मोहम्मद मोइन एडवोकेट ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “बसपा द्वारा जनपद के दो कद्दावर को पार्टी से निष्काषित करने पर पार्टी को 2022 मे भारी नुकसान होगा और पार्टी की अहमियत कम होती जा रही और बसपा से लोगों का भरोसा दिन प्रतिदिन टूट रहा है हमें लगता है मतदाता वोट करने मे असहज महसूस करेगा क्योंकि पार्टी में जुड़ने के बजाएं लोग धीरे-धीरे पार्टी से निकल रहे हैं या निकाले जा रहे हैं।”
प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) के अल्पसंख्यक सभा के प्रदेश सचिव यासिर हयात में कहा कि “बसपा के दोनों कद्दावर नेता राम अचल राजभर व लालजी वर्मा को इस तरह से पार्टी से निकाल देना बहन जी के राजनीतिक अनुभव पर प्रश्न चिन्ह है और यह बहन जी द्वारा हताशा भरा कदम है इससे सिर्फ पार्टी को नुकसान ही नहीं बल्कि बसपा अब लगभग समाप्त हो चुकी है जिसका परिणाम 2022 के चुनाव में आ जायेगा।”

टाण्डा के वरिष्ठ अधिवक्ता दिलीप मांझी ने मात्र एक लाइन में अपनी बात लिखते हुए कहा कि “बढ़ती क्षेत्रीय महत्वाकांक्षा का परिणाम है निष्कासन”। जनसत्ता दल लोकतांत्रिक पार्टी के अल्पसंख्यक जिलाध्यक्ष मोहम्मद असगर अंसारी कहा कि बसपा द्वारा दोनों कद्दावर नेताओं को निष्काषित कर ये साबित कर दिया है कि बसपा पार्टी मायावती जी की जागीर है और वो जो चाहेंगी वही करेंगी।”
समाजवादी पार्टी युवजन सभा के जिलाध्यक्ष प्रद्दुम्न यादव ने कहा कि “बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती जी ने मान्यवर कांशीराम साहब के सपनों को तोड़ दिया जिस विचारधारा को लेकर के माननीय काशीराम साहब ने इतना बड़ा राजनीतिक दल खड़ा किया था अब वह एक संगठन नहीं ईस्ट इंडिया कंपनी हो गई जो जितना कमा कर देगा वह इतने बड़े पद पर रहेगा राम अचल राजभर जी का एवं लाल जी वर्मा जी का बसपा को मजबूत करने में बहुत बड़ा योगदान है इन दोनों नेताओं के संघर्ष को भुलाया नहीं जा सकता राम अचल राजभर लालजी वर्मा एक जमीनी स्तर पर पकड़ रखते हैं बहुजन समाज से इन लोगों का काफी सराहनीय योगदान है।”
बहरहाल अकबरपुर व कटेहरी विधायक को बसपा से निष्काषित करने के बाद जहां राजनीतिक दलों व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जमकर अपनी पानी प्रतिक्रियाएं दिया वहीं बसपा के नेताओं ने किनारा करते हुए किसी भी तरह की प्रतिक्रिया देने से मना कर दिया।