लखनऊ : लखीमपुर खीरी में हुई घटना के बाद वहां जाने वाले सभी नेताओं को प्रदेश सरकार के निर्देश पर पुलिस बल द्वारा रोका जा रहा है। प्रदेश के सबसे बड़े विपक्ष सपा के कार्यकर्ताओं ने भी जगह जगह धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है।
बताते चलेंकि रविवार को लखीमपुर खीरी में के केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी के पुत्र आशीष उर्फ मोनू व उनके समर्थकों द्वारा किसानों की भीड़ पर चार पहिया वाहन चढ़ा दोय गया था जिसमें चार किसानों की दर्दनाक मौत हो गई जबकि कई अन्य किसान घायल हो गए।

उक्त दर्दनाक घटना के बाद सभी राजनीतिक पार्टीयों को माने बड़ा मुद्दा मिल गया और सभी का रुकह लखीमपुर खीरी की तरफ हो गया जबकि प्रदेश सरकार ने नेताओं को लखीमपुर खीरी जाने से हर सम्भव रोकने का प्रयास किया।

घटना की जानकारी होते ही किसान नेता राकेश टिकैत अपने हज़ारों समर्थकों के साथ लखीमपुर में पहुंच गए हालांकि उन्हें रोकने का असफल प्रयास भी किया गया लेकिन किसान नेता बैरिकेडिंग को तोड़ते हुए वहां पहुंच गए।

आम आदमी पार्टी के दिल्ली से सांसद व प्रदेश के प्रभारी संजय सिंह को रात्रि ढाई बजे रोक लिया गया जहां से उन्हें आगे नहीं बढ़ने दिया गया।

कांग्रेस महासचिव व उत्तर प्रदेश प्रभारी रात्रि में ही लखनऊ एअरपोर्ट पर पहुंची और देर रात्रि में उनके काफिले को भी रोक लिया गया।

प्रदेश की सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के आवास को छावनी में तब्दील कर दिया गया लेकिन इसके बावजूद अखिलेश यादव सोमवार को सुबह अपने आवास से लखीमपुर जाने के लिए निकले लेकिन पुलिस बल ने उन्हें रोक लिया तो वो वहीं धरने पर बैठ गए। सपा के ऑफिशियल एकाउंट पर जानकारी दी गई कि काफी जद्दोजेहद के बाद अखिलेश यादव को गिरफ्तार कर लिया गया जिसके बाद सपा ने अपने पदाधिकारियों, नेताओं व कार्यकर्ताओं को निर्देशित किया कि जहां भी हैं वहीं धरने पर बैठ जाएं। सोमवार प्रातः 10:30 बजे समाचार लिखे जाने तक सपा कार्यकर्ताओं को प्रदेश के सभी जनपदों में प्रदर्शन करने का समाचार प्राप्त हो रहा है।

लखीमपुर खीरी में कृषि कानूनों का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों के दो वाहनों से कुचले जाने की घटना के बाद इलाके में हिंसा भड़क गई. लखीमपुर में अब तक कुल 8 लोगों की मौत का दावा किया जा रहा है. किसानों का दावा है कि घटना में 4 किसानों की जान गई है. वहीं बीजेपी का कहना है कि उनके 4 कार्यकर्ताओं की मौत हुई है. लखीमपुर में हिंसा भड़कने के बाद मौके पर कई वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को भी भेजा गया है. एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार भी लखीमपुर पहुंच चुके हैं.

लखीमपुर खीरी प्रकरण में प्रदेश सरकार की तरफ सेकहा गया कि मौके पर एडीजी लॉ एंड ऑर्डर, मुख्य सचिव कार्मिक और कृषि मौके पर मौजूद हैं. हालांत को कंट्रोल कर घटना के कारणों की गहराई से जांच की जा रही है. उन्होंने कहा कि घटना के लिए जो भी जिम्मेदार होगा, उसके खिलाफ एक्शन लिया जाएगा, इसके साथ ही सरकार ने इलाके के सभी लोगों से घर में रहने और किसी के बहकावे में न आने की अपील की है. इसके साथ ही उन्होंने लोगों से शांति-व्यवस्था बनाए रखने में योगदान मांगा है। सरकार ने कहा है कि लोग जांच पूरी हुए बिना किसी भी तरह के निष्कर्ष पर न पहुंचें।