अम्बेडकरनगर (सूचना न्यूज़ कार्यालय) नगर पालिका परिषद टाण्डा परिक्षेत्र के मोहल्लाह सिकंदराबाद में वर्षों पूर्व बने मान्यवर कांशीराम शहरी आवास भवन में सोमवार को भारी पुलिस बल के साथ पहुँचे प्रशासनिक अमले से अफरातफरी का माहौल पैदा हो गया। आवंटितों को भौतिक कब्जा दिलाने के उद्देश्य से आवास विकास के अधिशासी अभियंता सुमित कुमार, उपजिलाधिकारी अभिषेक पाठक, नायब तहसीलदार राहुल सिंह, नगर पालिका परिषद के वरिष्ठ लिपिक निशांत पाण्डेय, कोतवाली निरीक्षक संजय कुमार पाण्डेय भारी सुरक्षा कर्मियों के साथ पहुंचे और क्रमवार ब्लाकों में बिना आवंटन अवैध रूप से रहने वालों को बेदखल की कार्यवाही करना शुरू किया जिससे मान्यवर कांशीराम शहरी आवास कालोनी में हड़कम्प मच गया।
बताते चलेंकि टाण्डा नगर पालिका परिक्षेत्र के मोहल्लाह सिकंदराबाद में मान्यवर कांशीराम शहरी आवास कालोनी के 46 ब्लाकों पर आधारित 552 भवनों का निर्माण कराया गया था। नगर पालिका का दावा है कि उक्त भवनों में 427 लोगों के आवंटन की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है लेकिन उक्त भवनों में अधिकांश अवैध रूप से लोग रह रहे हैं जिनको कई चक्रों में भवन खाली करने का निर्देश दिया गया था और सोमवार को उसी क्रम में वास्तविक आवंटितों को भौतिक कब्जा दिलाने का काम किया जा रहा है।
भारी सुरक्षा बलों के साथ पहुंचे प्रशासनिक दल ने काफी आवंटित लोगों को भौतिक कब्जा दिलाया। टाण्डा कांशीराम आवास कालोनी में कई ऐसे लोग परिवार थे जिनका आवंटन हुआ था परंतु वो किसी अन्य भवन में रह रहे थे जिन्हें सोमवार को उनके वास्तविक आवंटित भवन में प्रवेश कराया गया। अवैध रूप से रहने वाले सैकड़ों परिवार एक साथ बाहर निकाले जाने से हड़कंप मच गया। अवैध रूप से रहने वाले कई परिवार कमरों पर ताला लगाकर फरार हो गए जिनका मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में ताला तोड़वा कर मूल पात्र आंवटित को कब्जा दिलाया गया।


उक्त मौके पर कई ऐसे परिवार भी नज़र आए जिनके आगे पीछे कोई भी नहीं है और ना ही उनके पास रहने की कोई जगह है तथा उनका आवंटन भी नहीं है परंतु वर्षों से भवनों में रह रहे थे। ऐसे लोग सोमवार को हुई प्रशासनिक कार्यवाही के बाद पूरी तरह से सड़कों पर आ गए हैं। भवन खाली करने वालों का आरोप है कि आवंटन प्रक्रिया में भारी भेदभाव किया गया है तथा गैर स्थानों व ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को भवन आवंटित किया गया है जबकि मूल रूप से नगर क्षेत्र के रहने वालों द्वारा कई चक्रों मर फार्म भरने के बाद उन्हें पात्रों की सूची से बाहर रखा गया है।
बहरहाल शासन की मंशानुसार जिलाधिकारी के निर्देश पर प्रशासनिक अमला द्वारा मूल आवंटितों को भौतिक कब्जा दिलाने का काम शुरू किया गया जिसके कारण सैकड़ों लोग घरेलू सामानों को लेकर सड़कों पर आ गए लेकिन मौजूदा प्रशासन ने भी अपनी मजबूरी बताते हुए उनसे भवन खाली करा लिया। बेदखल हुए लोगों ने मांग किया है कि प्रशासन द्वारा निष्पक्ष जंच कराकर जिन्हें भवन की अत्याधिक आवश्यकता है उनके नाम भवन आवंटित करे।
याद दिलाते चलेंकि टाण्डा में भवन मान्यवर कांशीराम शहरी आवास कालोनी में बने कुल भवनों का 50 प्रतिशत अनुसूचित जाति व 50 प्रतिशत सामान्य व पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित किया गया था तथा उक्त कालोनी का मुख्य उद्देश्य नगरीय क्षेत्रों में रहने वालों को छत उपलब्ध कराना था लेकिन अनुसूचित जाति कोटे में गैर नगरीय लोगों की भरमार है जिसको लेकर वर्षों से कालोनी में रहने वालों में आक्रोश व्याप्त है।