अम्बेडकरनगर (रिपोर्ट: आलम खान – एडिटर इन चीफ) इस्लामिक कैलेंडर के प्रथम माह मोहर्रम के शुरू होते ही घरों, अज़ाखानों व इमामबाड़ों से “या हुसैन” की सदायें गूंजने लगी है जबकि दूसरी तरफ श्रावण मास में महादेव के अभिषेक के लिए कांवड़ यात्रा तेज़ हो चुकी है और सड़कों व शिवालयों पर “बोल बम” व “हर हर महादेव” का नारा गूंज रहा है।
कांवड़ यात्रियों का जगह जगह पर स्वागत अभिनन्दन हो रहा है। आपसी सौहार्द को मजबूत बनाने के उद्देश्य से कांवड़ यात्रियों की सेवा में मुस्लिम व सिख समुदाय के लोग भी जुटे हुए हैं।

अकबरपुर तहसील तिराहा पर सामाजिक कार्यकर्ता बरकत अली द्वारा कांवड़ यात्रियों को स्वास्थ सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही है जबकि समाज सेवी हाजी मोहम्मद अकमल उर्फ जुगनू द्वारा भी लगातार स्वागत अभिनन्दन किया जा रहा है।

बताते चलेंकि औद्योगिक नगरी टाण्डा में वरिष्ठ समाजसेवी धर्मवीर सिंह बग्गा द्वारा मेला पेट्रोल पंप पर कांवरियों के रुकने, भोजन आदि की भव्य व्यवस्था की गई है तथा श्री बग्गा व उनके सहयोगी सरफराज अहमद व हाफिज जी आदि के साथ पूरी श्रद्धा से सेवा की जा रही है।
भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष एवं टाण्डा विधान सभा के प्रत्याशी रह चुके कपिलदेव वर्मा द्वारा भी कांवड़ यात्रियों का उत्सावर्धन करने के साथ सेवा करते दिखाई दे रहे हैं। श्री झारखंड महादेव मंदिर पर भव्य शिविर लगाकर कांवड़ यात्रियों की सभी जरूरी आवश्यकताओं को पूरा किया जा रहा है। पंख संख्या के अध्यक्ष अंशु बग्गा व हेल्पिंग हैंड्स संस्था के अध्यक्ष मोहम्मद अकमल द्वारा संयुक्त रूप से कांवड़ यात्रियों के लिए एम्बुलेंस चलकर सेवा प्रदान की जा रही है। हेल्प प्वाइंट एनजीओ के सक्रिय सदस्य गुरुबख्श सिंह बग्गा द्वारा भी कांवड़ यात्रियों को स्वास्थ सेवाएं प्रदान की जा रही है।
बताते चलेंकि इस क्षेत्र में श्रावण मास में शुक्ल पक्ष के पंचमी (नागपंचमी) तक महादेव का जलाभिषेक भक्तों द्वारा किया जाता है। आगामी 02 अगस्त को नागपंचमी पर्व मनाया जाना है इससे पूर्व जनपद के प्रमुख सड़कों पर कांवड़ यात्रियों का जत्था दिखाई देने लगा है तथा शिवालयों में भी भीड़ उमड़ रही है और क्षेत्र हर हर महादेव व बोल बम के नारों से गूंजने लगा है।
इस्लामिक कलैंडर के प्रथम माह मोहर्रम की पहली तारीख से ही विशेष कर शिया समुदाय द्वारा अज़ाखानों व इमामबाड़ों को सजाया जाता है जहां से कर्बला में शहीद हुए इस्लाम धर्म के अंतिम संदेष्टा पैगम्बर मोहम्मद साहब के नवासे हज़रत इमाम हुसैन सहित उनके 72 साथियों को पुरसा दिया जाता है। इस दौरान अज़ाखानों व इमामबाड़ों से या हुसैन की सदायें गूंजती सुनाई देती है।
एक तरफ कांवड़ यात्रा तो दूसरी तरफ विपरीत समुदाय के मोहर्रम जुलूस को सकुशल सम्पन्न कराने के लिए जिला व स्थानीय प्रशासन पूरी निष्ठा के साथ जुटा हुआ है तथा छोटी छोटी बातों को भी प्रशासन काफी गंभीरता से ले रहा है। पुलिस कप्तान अजीत कुमार सिन्हा ने पूर्व में ही चेतावनी दिया था कि अफवाह फैला कर क्षेत्र का माहौल खराब करने वालों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी। श्री अजीत ने बताया था कि दोनों पर्व को सकुशल व शांतिपुर्ण माहौल में सम्पन्न कराने के लिए सोशल मीडिया पर भी साइबर सेल की मदद से विशेष निगरानी रखी जा रही है।
बहरहाल कांवड़ यात्रा के सम्पन्न होने से पहले ही मोहर्रम माह शुरू हो गया जिसको लेकर प्रशासन काफी सतर्क होकर प्रत्येक बिंदुओं पर पैनी नज़र बनाये हुए हैं और इस बीच या हुसैन व बम भोले के नारों से क्षेत्र गूंजता सुनाई पड़ रहा है।