अम्बेडकरनगर: विद्युत उत्पादन में सराहनीय कार्य कर रही देश की अग्रणी कंपनी एनटीपीसी की टाण्डा परियोजना के सामने बनी अल्ट्राटेक सीमेंट फैक्ट्री की घोर लापरवाही के कारण स्थानीय ग्रामीण नरकीय जीवन बिताने पर मजबूर हो गए है। शिकायत के बाद भी सीमेंट फैक्ट्री प्रशासन के कानों पर जूँ तक नहीं रेंगती है।

जे.पी सीमेंट फैक्ट्री को ओवरटेक कर सीमेंट उत्पादन करने वाली अल्ट्राटेक सीमेंट फैक्ट्री के प्रशासन की मानवीय संवेदना शून्य हो चुकी है। अपने दायित्वों के प्रति घोर लापरवाही करने के कारण आसपास के ग्रामीणों व राहगीरों में काफी आक्रोश व्याप्त है।

अल्ट्राटेक सीमेंट फैक्ट्री के लिए लाई जाने वाली क्लिकर (कंक्रीट) तथा फैक्ट्री से निकलने वाली सीमेंट की बोरियों की निकासी बड़े ट्रकों के माध्यम से की जाती है और ट्रक चालकों पर कोई अंकुश ना होने के करण वो बेतरतीब फर्राटा भरते आबादी के बीच से निकलते है जिससे दिन भर जाम की समस्या के साथ धूल, क्लिकर, सीमेंट आदि उड़ने का भी सिलसिला बरकरार रहता है और ट्रकों पर लद कर जाने वाली क्लिकर व सीमेंट धूल बनकर हवा में उड़ती है जिससे स्थानीय ग्रामीणों सहित राहगीरों व पेड़ पौधों को भी इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। अल्ट्राटेक सीमेंट फैक्ट्री द्वारा मार्गों पर पानी का छिड़काव ना कराने के कारण हालात बद से बदतर हो चुका है। धूल गुबार बनकर हवाओं में उड़ रही सीमेंट स्वास्थ के लिए काफी ख़तरनाक साबित हो रही है जिसके कारण काफी लोग एलर्जी, दमा, खांसी आदि के मरीज बनते जा रहे हैं।

टाण्डा इल्तिफ़ात गंज मार्ग पर सीमेंट फैक्ट्री प्रशासन द्वारा जल का छिड़काव न होने से हालात काफी खराब हो गए हैं। विशेष रूप से मखदूम नगर बाज़ार वासियों में काफी आक्रोश व्याप्त है।

अल्ट्राटेक सीमेंट फैक्ट्री की टाण्डा यूनिट द्वारा कश्मिरिया पर स्थित डंपिंग यार्ड से क्लिकर की ढुलाई खुले ट्रकों से की जाती है तथा तैयार मालों की निकासी भी ट्रकों के माध्यम से ही की जा रही है। 90 प्रतिशत से अधिक ट्रक अल्ट्राटेक सीमेंट फैक्ट्री से मात्र चन्द कदम की दूरी पर स्थित मखदूम नगर बाजार से ही हो कर ही गुजरते हैं। मखदूम नगर बाज़ार के दोनों तरफ दुकानें व ग्रामीणों का आवास है। बाजार की सैकड़ों पर कंक्रीट व सीमेंट काफी मात्रा में बिखरे हुए हैं जिसपर ट्रकों के फर्राटा मारने से बाजार परिक्षेत्र धूल गुबार में बदल जाता है और दुकानदारों को तो आर्थिक नुकसान सहना ही पड़ता है लेकिन साथ ही साथ दुकानदारों व स्थानीय लोगों के स्वास्थ पर भी बुरा असर पड़ रहा है। प्रदूषण अधिनियमों की खुले आम अनदेखी कर रही अल्ट्राटेक सीमेंट फैक्ट्री द्वारा सड़कों पर पानी का छिड़काव नहीं कराया जा रहा है जिस से समस्या काफी गम्भीर हो गया है और इसका खामियाजा स्थानीय लोगों को बीमार होकर चुकाना पड़ रहा है। उड़ती धूल व सीमेंट ने स्थानीय ग्रामीणों का जीवन नरकीय बना दिया है और ग्रामीण इस नरकीय जीवन को बिताने पर मजबूर भी हैं।

अयोध्या मुख्य मार्ग होने के कारण राहगीरों का भी लगातार आना जाना लगा रहता है और उक्त मुख्य सड़कों पर उड़ने वाली सीमेंट व धूल की चपेट में राहगीरों को देखा जा रहा है जिसके कारण स्थानीय लोगों सहित राहगीरों में भी भारी आक्रोश व्याप्त है।
स्थानीय ग्रामीणों व राहगीरों ने अल्ट्राटेक सीमेंट फैक्ट्री प्रशासन की मनमानी पर अंकुश लगाने तथा फैक्ट्री प्रशासन द्वारा प्रदूषण अधिनियमों का पालन कराने की मांग किया है।