लखनऊ (सूचना न्यूज़ कार्यालय) उत्तर प्रदेश पॉवर कारपोरेशन के प्रबंध निदेशक पंकज कुमार ने पुलिस महानिदेशक (सतर्कता) को पत्र लिख कर बिजली चेकिंग के लिए दिशा निर्देश जारी कर दिया है। शक्ति भवन में बैठे अधिकारियों को शिकायत मिली थी कि बिजली चेकिंग के नाम पर उपभोक्ताओं को डरा धमका व भ्रम पैदा कर अनुचित लाभ उठाया जा रहा है इसलिए दिशा निर्देश जारी हुआ है। उपभोक्ताओं को आई डी देखने के साथ फोटो खींचने में सहयोग करने का निर्देश जारी हुआ है।


श्री पंकज ने पत्र लिखते हुए बताया कि विद्युत उपभोक्ताओं को विद्युत चेकिंग के नाम पर भ्रम में डालकर या डराकर अवांछनीय तत्वों द्वारा अनुचित लाभ लेने की शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। उपभोक्ताओं के हित का संरक्षण करने के लिए एवं उन्हें किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी से बचाने हेतु उपभोक्ताओं को सतर्क कर के निगरानी बढ़ाया जाना आवश्यक है एवं साथ ही सर्तकता स्कन्ध के अधिकारियों व कार्मिकों द्वारा भी जांच करते समय सावधानियाँ बरता जाना आवश्यक है।
विभाग की चेकिंग टीम के अधिकारियों व कार्मिकों के स्तर पर सावधानियां रखने हेतु चेकिंग की जाए और जब भी कोई चेकिंग टीम / कार्मिक विद्युत संयोजन की जांच करने जाएं तो सबसे पहले उपभोक्ता को अपना पहचान-पत्र (आई०डी० कार्ड) अवश्य दिखाएं एवं अपनी तैनाती का पूर्ण विवरण बतायें। चेकिंग करते समय यदि उपभोक्ता चेकिंग टीम के साथ फोटो लेना चाहता है, तो उसका पूर्ण सहयोग किया जायें। चेकिंग के बाद मौके पर ही जांच आख्या निर्धारित प्रारूप में आर०एम०एस० पोर्टल पर कारपोरेशन के पत्र सं0 222- मु0अ0 ( वा०एवं ऊ०ले०) / रेड इकाई / डिस्काम, दिनांक 13.04.2018 में निहित निर्देशों के अनुसार अपलोड कर दिया जाय। जांच के बाद यदि और कोई जानकारी लेने हेतु उपभोक्ता को पुनः बुलाना आवश्यक हो, तो उसे निगमीय कार्यालय में ही बुलाएँ एवं सम्पर्क का स्थान और दूरभाष नम्बर से उपभोक्ता को अवगत कराने के साथ-साथ अपने उच्च अधिकारियों का दूरभाष नम्बर भी उपभोक्ता को अवश्य उपलब्ध करायें।
श्री पंकज ने पत्र के माध्यम से कहा कि कृपया सर्तकता स्कन्ध के अन्तर्गत चेकिंग टीम के अधिकारियों व कार्मिकों को उनके द्वारा अनुपालन किये जाने वाले निर्देशों से अवगत कराने का कष्ट करें।
बहरहाल बिजली विभाग की स्थानीय व विजिलेंस टीम द्वारा चेकिंग अभियान अनवरत जारी है और इसी दौरान काफी अवांछित लोग भी उपभोक्ताओं को डरा धमका कर अवैध धन की वसूली कर रहे हैं जिसकी शिकायत शक्ति भवन तक पहुंची है और फिर प्रबन्ध निदेशक द्वारा दिशा निर्देश जारी कर टीम को निर्देशित किया गया कि उपभोक्ताओं को पहचान पत्र दिखाएं तथा उपभोक्ता चाहे तो साथ मे फ़ोटो भी ले सकता है जिससे कन्फर्म हो कि चेकिंग की कौन सी टीम उपभोक्ता के पास गई थी।