अम्बेडकरनगर (रिपोर्ट: आलम खान मान्यता प्राप्त पत्रकार) विगत 48 घण्टा से अधिक समय बीत जाने के बाद भी रहस्यमय ढंग से लापता मोहम्मद अजमल का कोई सुराग नहीं मिल सका है। पत्नी व बच्चे अजमल की तलाश में दरबदर भटक रहे हैं जबकि स्थानीय पुलिस ने तज़किरा में गुमशुदगी दर्ज कर मूकदर्शक बनी किसी बड़ी घटना का इंतज़ार कर रही है। परिजनों द्वारा बुधवार को मुख्यमंत्री से भी न्याय की गोहार लगाइए गई है।
मामला हंसवर थानाक्षेत्र के मुंडेरा गाँव का है जहाँ के 56 वर्षीय मोहम्मद अजमल गत रविवार की रात्रि में अपने परिवार की तरह सो गए लेकिन सुबह रहस्यमय ढंग से लापता गए। तलाश के दौरान परिजनों को उनका मफलर व आधार कार्ड लगभग डेढ़ किमी की दूरी पर स्थिर एक खेत मे मिला। अनहोनी की आशंका से परेशान पत्नी व बच्चों ने स्थानीय थाना से लेकर सीओ टाण्डा व पुलिस कप्तान तक से गोहार लगाई लेकिन 48 घण्टा बीत जाने के बाद भी स्थनीय पुलिस ने रहस्यमय ढंग से लापता युवक की तलाश में कोई ठोस कदम नहीं उठाया हालांकि पुलिस ने अपने तज़किरा में अजमल के लापता होने का मामला दर्ज कर लिया है।
बताते चलेंकि मोहम्मद अजमल के पिता बदरुद्दोजा द्वारा घर से थोड़ी दूरी पर मौजूद 19 बिस्वा भूमि दशरथ की पत्नी तारा देवी के नाम काफी सस्ते दामों में बेच दिया जिसके मुकदमा न्यायालय में विचाराधीन है लेकिन दशरथ आदि द्वारा उसे रविवार को बलपूर्वक कब्जा किया गया जिसमें स्थानीय पुलिस की भी संलिप्ता बताई गई। आरोप है कि कब्जा करने का विरोध करने पहुंचे अजमल व उनके पुत्रों को स्थानीय पुलिस ने मारकर भगा दिया और उस दौरान मोबाइल भी पटक कर तोड़ दिया। भूमि कब्जा करने की घटना के दूसरे दिन से ही अजमल रहस्यमय ढंग से लौटा है जिससे परिजनों ने किसी अनहोनी की आशंका व्यक्त किया है। परिजनों द्वारा बुधवार को मुख्यमंत्री से ऑनलाइन शिकायत कर न्याय की गोहार लगाई गई है।
उकय विवादित भूमि के सम्बंध में पता चला कि बुजुर्ग बदरुद्दोज़ा के तीन पुत्र हैं जिसमे अजमल सबसे बड़ा है और उन्होंने अजमल को पुस्तैनी घर दे दिया है जबकि 19 बिस्वा भूमि का तीन भाग कर उसको अन्य दोनों बेटों व स्वयं के नाम रखा था लेकिन पुत्री का विवाह एवं अपने इलाज के लिए उक्त भूमि पास के ही दशरथ से बेच दी जिसकी रजिस्ट्री दशरथ की पत्नी तारा देवी के नाम की गई। चर्चा है कि उक्त स्थान पर लगभग ढाई लाख रुपया बिस्वा का रेट चल रहा है लेकिन 19 बिस्वा भूमि मात्र 14 लाख रुपये में ही बेची गई तथा अजमल को कुछ भी नहीं दिया गया जिसका अजमल खुल कर विरोध कर रहा था और वो अचानक लापता हो गया।
बहरहाल 48 घण्टा से अधिक समय बीत जाने के बाद रहस्यमय ढंग से लापता अजमल का कोई सुराग नहीं लग सका है जबकि परिजनों ने किसी बड़ी अनहोनी की आशंका व्यक्त करते हुए स्थानीय थाना ऐसे लेकर उच्च अधिकारियों की चौखट तक गोहार लगाई लेकिन पुलिस मात्र तज़किरा रजिस्टर में अजमल के लापता होने की घटना को इंद्राज कर बैठ गई है जिससे क्षेत्र में आक्रोश भी व्याप्त है।